शर्तों की अनदेखी: शॉपिंग कॉम्पलेक्स के बरामदे में सजा ली दुकान, बारिश में तलाशनी पड़ती है जगह
सीधी। शहर में नगर पालिका के एक दर्जन से अधिक शॉपिंग कॉम्पलेक्स हैं। जहां व्यवसाइयों को विभिन्न शर्तों के अनुसार दुकानों का आवंटन किया गया है। इसमें एक शर्त यह भी है कि दुकानों के स्वरूप में परिवर्तन व बरामदे में कब्जा न करना भी शामिल है। लेकिन कुछ व्यवसाइयों ने इसकी अनदेखी करते हुए बरामदों पर दुकानें सजा ली। जिससे आने-जाने के लिए जगह नहीं बची। बारिश व तेज धूप में लोगों परेशानी होती है। ग्राहकों को इससे बचने के लिए इधर-उधर जगह तलाशनी पड़ती है।
कुछ दुकानदार तो बरामदे से निकलकर फुटपाथ तक कब्जा कर लेते हैं। ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए वे दुकान के बाहर सामग्री सजा देते हैं। ऐसी स्थिति में यदि कोई ग्राहक बाजार में सामग्री खरीदने जाता है तो उसे अपने वाहन सड़क में खड़े करने पड़ते हैं, जिससे यातायात प्रभावित होने लगता है।
कार्रवाई नहीं
शॉपिंग कॉम्पलेक्स के कॉरीडोर इसके बाद फुटपाथ तक दुकानों की सामग्री फैलाकर अतिक्रमण करने वाले व्यापारियों के विरुद्ध नपा के अधिकारी कार्रवाई की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे। जिससे अतिक्रमण कारियों के हौसले बुलंद हैं। दुकानों के बाहर फैली सामग्री जहां आवगमन को प्रभावित करती है, वहीं शहर की सुंदरता पर भी ग्रहण लग रही है।
वर्षों से अतिक्रमण, एकाध बार जुर्माने की कार्रवाई
ऐसा नहीं है कि शॉपिंग कॉम्पलेक्स के कॉरिडोर में अतिक्रमण की नई परंपरा शुरू हुई है, यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है। लेकिन आज तक नपा का अतिक्रमण दस्ता ऐसे व्यापारियों के विरूद्ध कार्रवाई की हिम्मत नहीं जुटा पाया। पूर्व में एक-दो बार ऐसे व्यापारियों के विरूद्ध सौ रूपए का अर्थदंड लगाने की कार्रवाई की गई थी, साथ ही दुबारा सामग्री न सजाने की भी हिदायत दी गई थी, लेकिन इसका भी कोई खास व्यापारियों पर नहीं हुआ। लिहाजा उस कार्रवाई का भी कोई असर नहीं
कार्रवाई से पहले ही गायब हो गई थी सूची
नगर पालिका अधिनियम का उल्लंघन करते हुए नपा की दुकानों के स्वरूप में परिवर्तन करने एवं तोडफ़ोड़ करने सहित बरामदों में अवैध कब्जा करने वालों के विरुद्ध नपा प्रशासन पूर्व में कार्रवाई के लिए सर्वे कराया था, लेकिन, उनके खिलाफ कार्रवाई हो पाती, इससे पहले कार्यालय से सूची ही गायब कर दी गई। जिससे मामला बाद में ठंडे बस्ते में चला गया।
इन शॉपिंग कॉम्पलेक्स में ज्यादा समस्या
वैसे तो नगर पालिका द्वारा शहर में बनाए गए लगभग सभी कॉम्पलेक्सों के बरामदों में व्यापारियों द्वारा दुकानों की सामग्रियां सजाकर अवैध रूप से कब्जा किया गया है, लेकिन जिन कांपलेक्सों में इसकी बहुतायत है उसमें गायत्री कॉम्पलेक्स क्रमांक-1, गायत्री कॉम्पलेक्स क्रमांक-२, छत्रसाल शॉपिंग कॉम्पलेक्स, सम्राट पृथ्वीराज चौहान शॉपिंग कॉम्पलेक्स, कुशाभाउ ठाकरे शॉपिंग कॉम्पलेक्स मुख्य रूप से शामिल हैं।