
सीधी। बहरी थाना अंतर्गत पड़रिया गांव मे सफेद छुही की निकासी लंबे समय से हो रही है। जिसे लोगों के द्वारा खदानों में उतरकर घर पोतने के लिए छुही की निकासी करते हैं। सोमवार को पड़रिया में गहरी खदान में छुही निकासी के लिए दो युवक घुसे, उनके द्वारा फावड़े से खुदाई की जा रही थी, अचानक खदान धस गई, जिसकी चपेट में दो युवक आ गए। यद्यपि स्थानीय लोगों ने छुही खनन करने से मना किया गया, लेकिन वे नहीं माने। जिससे दोनों युवकों की मौत हो गई।
ये है मामला
पड़रिया की शासकीय जमीन में लंबे अर्से से छुही का अवैध उत्खनन किया जा रहा है। दो वर्ष पूर्व भी खदान धंस गई थी, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई थी, इससे पहले भी खदान धंसने से मौतें होती आ रही है, इसके बाद भी प्रशासन इन खदानों से अवैध उत्खनन पर रोक लगाने में सफल नहीं हो पा रहा है।
खुदाई के कारण खदान गहरी
दरअसल, लंबे समय से खुदाई के कारण खदान गहरी हो गई हैं। जहां जिंदगी पर दांव लगाकर लोग छुही निकालने जाते हैं। ऐसी खदानों पर न तो प्रशासन उत्खनन पर रोक लगा पा रहा। न हीं लोग अपनी जिंदगी बचाने के लिए गहरे खदानों में उतरने से गुरेज बरत रहे हैं। ऐसी ही खदान धंसने से दो लोगों की मौत हो गई है।
तीन घंटे बाद निकल पाया शव
स्थानीय लोगों ने बहरी पुलिस को फोनकर घटना की सूचना दी थी। जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव निकलवाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली तो जेसीबी मशीन बुलाकर खुदाई शुरू की गई। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद प्रशासन शव को निकालने में सफल हो पाया।
शाम हो जाने के कारण नहीं हो पाया पीएम
शव निकालने में देर शाम हो गई, जिस कारण पोस्टमार्टम नहीं हो पाया। मंगलवार को शव परीक्षण हो पाएगा। शव निकालने केे बाद पुलिस को उनके पते व परिजनों की शिनाख्त नहीं हो पाई। एक मृतक के पास से पुलिस को मोबाइल मिला। जिसके आधार पर पुलिस मृतकों के पते की शिनाख्त शुरू कर दी है।
चचेरे भाई हैं मृतक
छुही खदान धंसने से मलबे में दबे युवकों की पहचान देर शाम हो पाई। उनकी पहचान सिटी कोतवाली अंतर्गत गाड़ा निवासी संजय शुक्ला और विष्णु शुक्ला के रूप में हुई है। बताया गया कि यह दोनों चचेरे भाई हैं। अब इतनी दूर ये छुही खदान में क्यों और कैसे पहुंच गए इसका खुलासा समाचार लिखे जाने तक नहीं हो पाया था।