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ई-अटेंडेंस नहीं लगाने वाले शिक्षकों की तैयार हो रही कुंडली, सीधी में होगी कड़ी कार्रवाई

e-Attendance System: शिक्षकों की सूची तैयार कर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किए जाएंगे। नोटिस के माध्यम से उनसे पूछा जाएगा कि शासन की व्यवस्था का पालन नहीं करने के पीछे क्या कारण हैं।

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सीधी

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Akash Dewani

Jun 18, 2026

list of teachers who fail to submit e-attendance system prepared

e-Attendance System: ई-अटेंडेंस नहीं लगाने वाले शिक्षकों की तैयार हो रही कुंडली (फोटो सोर्स- Patrika)

e-Attendance for Teachers: मध्य प्रदेश में ई-अटेंडेंस व्यवस्था (e-Attendance System) को लेकर शिक्षा विभाग (Education Department) ने निगरानी तेज कर दी है। ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं करने वाले शिक्षकों का पूरा रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। सीधी जिले में विभाग ऐसे शिक्षको की सूची तैयार कर रहा है, जिन्होंने शासन के निर्देशों के बावजूद अब तक नियमित रूप से ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं की है। प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार जिले में करीब 620 शिक्षक ऐसे है, जिनकी उपस्थिति ऑनलाइन प्रणाली में दर्ज नहीं हो रही है।

जिले में कुल करीब 4,300 शिक्षक एवं कर्मचारी पदस्थ है। इनमें लगभग 200 लिपिक और अन्य कार्यालयीन कर्मचारी शामिल हैं, जिन पर फिलहाल ई-अटेंडेंस व्यवस्था लागू नहीं है। शेष शिक्षकों में अधिकांश ने ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करना शुरू कर दिया है, लेकिन करीब 14 प्रतिशत शिक्षक अभी भी इस व्यवस्था से बाहर है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार सबसे पहले यह पता लगाया जाएगा कि संबंधित शिक्षक ई-अटेंडेंस क्यों नहीं लगा पा रहे हैं। इसके लिए सभी विकासखंडों से जानकारी मांगी गई है।

शिक्षकों को थमाए जाएंगे कारण बताओ नोटिस

शिक्षकों की सूची तैयार कर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किए जाएंगे। नोटिस के माध्यम से उनसे पूछा जाएगा कि शासन की व्यवस्था का पालन नहीं करने के पीछे क्या कारण हैं। अधिकारियों का कहना है कि कई मामलों में नेटवर्क, मोबाइल एप्लीकेशन या अन्य तकनीकी समस्याएं भी सामने आती है। इसलिए किसी भी कार्रवाई से पहले यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कहीं तकनीकी खामी तो बाधा नहीं बन रही। यदि किसी शिक्षक को वास्तविक तकनीकी परेशानी है तो उसका समाधान कराया जाएगा।

अगर बहाने बनाए तो होगी कार्रवाई

हालांकि विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि जांच में कोई तकनीकी समस्या नहीं पाई जाती और फिर भी ई-अटेंडेंस नहीं लगाई जा रही है तो इसे शासन के निर्देशों की अवहेलना माना जाएगा। ऐसी स्थिति में संबंधित शिक्षकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वेतन से संबंधित निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके हैं और भविष्य में इसका असर वेतन भुगतान पर भी पड़ सकता है। गौरतलब है कि प्रदेश में करीब दो वर्षों से ई-अटेंडेंस व्यवस्था को लागू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। शुरुआत में इसका पालन करने वालों की संख्या अपेक्षाकृत कम थी और लगभग आचे शिक्षक ही नियमित रूप से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कर रहे थे। लेकिन, जैसे ही शासन ने स्पष्ट किया कि वेतन का आधार ई-अटेंडेंस रिकॉर्ड होगा, शिक्षकों की भागीदारी तेजी से बढ़ी। वर्तमान में जिले के करीब 86 प्रतिशत शिक्षक ई-अटेंडेंस प्रणाली से जुड़ चुके हैं। अब विभाग का फोकस शेष शिक्षकों को भी इस व्यवस्था में शामिल करना है।

स्कूलों को मिलेगा लाभ

शिक्षा विभाग का मानना है कि ई-अटेंडेंस व्यवस्था से विद्यालयों में पारदर्शिता बढ़ेगी, शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित होगी और शैक्षणिक गतिविधियों की बेहतर निगरानी हो सकेगी। इसी उद्देश्य से अब नियमों का पालन नहीं करने वालों पर विशेष नजर रखी जा रही है।

सभी विखं शिक्षा अधिकारियों से ऐसे शिक्षकों की जानकारी मांगी गई है जो ई-अटेंडेंस नहीं लगा रहे हैं। अगर ऐसे शिक्षक स्कूल आ रहे हैं, उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज नहीं कर पा रहे हैं तो उनका भी नाम मांगा गया है, ताकि समस्या का समाधान भी किया जा सके।-पवन कुमार सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी, सीधी