
Death of child: नीले ड्रम में मिली डेडबॉडी (Photo Source: AI Image)
Sidhi news: जिस घर में चार दिन पहले नन्हीं सी किलकारी गूंजी थी, वहां अब मातम पसरा है। मां की गोद में मुस्कुराने वाली मासूम प्रिशा दुनिया को ठीक से देख भी नहीं पाई थी कि उसकी जिंदगी रहस्यमय परिस्थितियों में खत्म हो गई। घर के सामने पानी से भरे नीले ड्रम में चार दिन की नवजात का शव मिलने की घटना ने पूरे जिले को झकझोर दिया है।
हर किसी के मन में एक ही सवाल है आखिर इस मासूम का क्या कसूर था.! चुरहट थाना क्षेत्र के ग्राम भेलकी 820 निवासी पंकज पटेल की पत्नी सोनू पटेल ने 26 जुलाई को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चुरहट में एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया था। परिवार ने उसका नाम 'प्रिशा' रखा। 28 जुलाई को डॉक्टरों ने दोनों को स्वस्थ बताते हुए अस्पताल से छुट्टी दे दी। किसी ने नहीं सोचा था कि घर लौटने के महज दो दिन बाद यह मासूम हमेशा के लिए दुनिया छोड़ जाएगी।
घटना के बाद पुलिस ने हत्या का अपराध दर्ज कर लिया है। शुक्रवार को भी परिजनों से पूछताछ की जा रही है, घटनास्थल के साक्ष्य जुटाए गए हैं और हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि चार दिन की नवजात आखिर पानी के ड्रम तक कैसे पहुंची और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मृतका के माता-पिता की पहले से करीब दो वर्ष की एक बेटी है। पिता पंकज पटेल के बड़े भाई की भी दो बेटियां हैं। यानी संयुक्त परिवार में यह चौथी बेटी का जन्म था। इसी तथ्य को ध्यान में रखते हुए पुलिस हत्या की आशंका से भी इनकार नहीं कर रही है। प्रारंभिक जांच में पुलिस को संदेह है कि मामला केवल दुर्घटना नहीं हो सकता। शुक्रवार तक अधिकारी स्पष्ट कह रहे हैं कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना अभी जल्दबाजी होगी और वास्तविक सच्चाई साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा वैज्ञानिक जांच के बाद ही सामने आएगी।
परिजनों के अनुसार सुबह बच्ची अपने बिस्तर पर नहीं मिली। तलाश शुरू हुई तो घर के सामने रखे पानी से भरे नीले प्लास्टिक के ड्रम में उसका शव दिखाई दिया। पानी से भरे ड्रम का ढक्कन बंद था, ऐसे में किसी को उम्मीद भी नहीं थी की वह घर के सामने ड्रम में हो सकती है। पुलिस ने घर पहुंचकर तलाश शुरू की तो ड्रम के अंदर पानी में डूबी मिली। आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना ने केवल एक परिवार ही नहीं, पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया है। लेकिन शुक्रवार को जैसे-जैसे पुलिस की जांच आगे बढ़ रही है, कई ऐसे तथ्य सामने आ रहे हैं जिन्होंने इस मामले को और गंभीर बना दिया है।
मासूम प्रिशा की मौत ने समाज के सामने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि यह हत्या साबित होती है तो यह केवल एक बच्ची की मौत नहीं, बल्कि बेटियों के प्रति सोच पर भी बड़ा सवाल होगा। वहीं यदि घटना दुर्घटना निकलती है तो यह नवजातों की सुरक्षा और घरों में बरती जाने वाली सावधानियों की गंभीर सीख होगी। फिलहाल पूरे मामले की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं।
-चार दिन की नवजात अपने बिस्तर से पानी के ड्रम तक कैसे पहुंची।
-घटना के समय घर में कौन-कौन मौजूद था।
-क्या यह महज हादसा था या किसी ने जानबूझकर मासूम को ड्रम में डाला।
-परिवार के सदस्यों के बयान और घटनास्थल के साक्ष्य क्या बताते हैं।
नवजात की संदिग्ध मौत के मामले में अपराध दर्ज कर जांच की जा रही है। सभी पहलुओं की गंभीरता से पड़ताल की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।- रीता त्रिपाठी, थाना प्रभारी चुरहट
Updated on:
31 Jul 2026 01:11 pm
Published on:
31 Jul 2026 01:11 pm
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