-ग्रामीणों ने शुरू किया धरना
सांकड़ा. क्षेत्र के भैंसड़ा गांव के पास 35 वर्ष पूर्व निर्मित शहीद अगरसिंह स्मारक की भूमि को राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम के निर्माणाधीन 400 केवी जीएसएस की चारदीवारी के अंदर ले लिए जाने के विरोध में मंगलवार को भैंसड़ा व आसपास क्षेत्र के ग्रामीणों ने धरना देकर रोष जताया। जानकारी के अनुसार गांव के खसरा संख्या 6 17 में 35 वर्ष पूर्व शहीद अगरसिंह के स्मारक का निर्माण करवाया गया था। तब यह भूमि पूरी तरह से खाली पड़ी थी। गत दिनों राज्य सरकार की ओर से इसी भूमि में 187 बीघा भूमि 400 केवी जीएसएस निर्माण के लिए आवंटित की गई तथा जीएसएस निर्माण के लिए यहां चारदीवारी का निर्माण किया गया। जिसके तहत शहीद स्मारक के चारों तरफ जीएसएस की चारदीवारी बना दी गई।इसी को लेकर गत दिनों ग्रामीणों की ओर से प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, जिला कलक्टर को ज्ञापन प्रेषित कर शहीद स्मारक को चारदीवारी से बाहर रखने तथा शहीद स्मारक तक जाने के लिए मार्ग देने की मांग की गई थी। जिसके एक सप्ताह बाद भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।
ग्रामीणों का धरना शुरू
शहीद स्मारक को जीएसएस की चारदीवारी के अंदर ले लिए जाने के विरोध में मंगलवार को पंचायत समिति सदस्य आईदानसिंहभाटी, भैंसड़ा उपसरपंच देवीसिंह, सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी लालसिंह, लखसिंह, शहीद के पौत्र रतनसिंह, दानसिंह सहित बड़ी संख्या में जीएसएस पर ग्रामीणों ने घेराव किया तथा जीएसएस की चारदीवारी में शहीद स्मारक के पास धरना देकर बैठ गए। उन्होंने जीएसएस की चार दीवारी के अंदर शहीद स्मारक तक रास्ता खुला रखने की मांग की।
अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर की समझाइश
धरना व विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलने पर भणियाणा तहसीलदार पुखराज भार्गव, नायब तहसीलदार आईदान पंवार, पदमाराम, विद्युत प्रसारण निगम के सहायक अभियंता दीपक शर्मा मौके पर पहुंचे तथा धरना दे रहे ग्रामीणों से बातचीत कर उनसे समझाइश की। सहायक अभियंता शर्मा ने बताया कि ग्रामीणों की मांग के अनुसार शहीद स्मारक तक फिलहाल बेरीकेडिंग का निर्माण करवा दिया जाएगा तथा स्थायी रूप से रास्ता देना उच्चाधिकारियों के अधिकार क्षेत्र में है। ग्रामीणों ने बताया कि जब तक शहीद स्मारक तक स्थाई रास्ता नहीं दिया जाएगा, तब तक धरना जारी रहेगा।