सीकर

राजस्थान सरकार को तमाचा! 502 चिकित्सकों ने ठुकराई नौकरी

जिसमें तय समय में नियुक्त चिकित्सकों के ड्यूटी ज्वाइन नहीं करने पर नियुक्ति आदेश निरस्त करने के निर्देश दिए हैं।
2 min read
• •
Updated: 28 Dec 2017, 10:26 AM IST
sikar news

सीकर. प्रदेश के पांच सौ से अधिक चिकित्सकों के नियुक्ति आदेश निरस्त कर दिए गए हैं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य निदेशक (जन स्वास्थ्य) ने संबंधित आदेश सीएमएचओ व पीएमओ को भिजवाएं हैं। जिसमें तय समय में नियुक्त चिकित्सकों के ड्यूटी ज्वाइन नहीं करने पर नियुक्ति आदेश निरस्त करने के निर्देश दिए हैं।

शेखावाटी के 38
गौरतलब है कि राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय जयपुर से चयनित नवनियुक्त 502 चिकित्सा अधिकारियों को नियुक्ति प्रदान की गई थी। लेकिन, इन्होंने निर्धारित शर्तों के अधीन कार्यग्रहण नहीं किया। जिस पर निदेशालय, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सेवाएं राजस्थान ने इनके नियुक्ति आदेश निरस्त कर इसकी सूचना संबंधित चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को भिजवाई गई है। जिनमें शेखावाटी क्षेत्र के 38 चिकित्सक शामिल हैं।

मोटी तनख्वाह को भी ठेंगा
पांच सौ से अधिक इन चिकित्सा अधिकारियों को सरकार ने मोटी तनख्वाह के साथ प्रदेश के प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों सहित जिला अस्पतालों में पदस्थापित किया गया था। हालांकि इससे पहले निदेशालय द्वारा कई बार इनको निर्देशित करते हुए पदों पर ज्वाइन करने के लिए कहा गया। लेकिन, इन चिकित्सा अधिकारियों ने सरकार को ठेंगा दिखाते हुए पदों पर ज्वाइन नहीं किया। इधर, लंबे इंतजार के बाद सरकार को भी आखिरकर इनके नियुक्ति आदेश निरस्त करने पड़े। अब दोबारा नई भर्ती कर सरकार को इनके लिए अलग से विज्ञप्ति जारी करनी पडेग़ी।

ये भी बताए कारण
नियुक्ति मिलने के बावजूद नए नियुक्त चिकित्सकों द्वारा नौकरी ज्वाइन नहीं करने के पीछे अपना नाम नहीं छापने की शर्त पर इन्होंने बताया कि सरकारी सख्ताई के अलावा नियमों में बंधे होना उनके गले नहीं उतर रहा है। जबकि सरकारी सेवा में इन्हें तय तनख्वाह मिलेगी और निजी क्षेत्र में वे चाहे जितना कमाकर अपनी सुविधाओं में विस्तार कर सकते हैं।


11 दिन बाद... आज से पटरी पर चिकित्सा व्यवस्था
सीकर. सेवारत चिकित्सकों की हड़ताल के कारण बेपटरी हुई चिकित्सा व्यवस्था गुरुवार को पटरी पर आ जाएगी। सभी मांगों को लेकर समझौता हो गया है। कल्याण अस्पताल और जनाना अस्पताल में सुबह से मरीजों की चहल-पहल बढ़ जाएगी। निजी अस्पताल संचालकों की मनमानी से आहत मरीजों को राहत मिल जाएगी। गुरुवार से एसके अस्पताल में नियमित रूप से ऑपरेशन होंगे। जनाना अस्पताल में सिजेरियन व प्रसव कराए जाएंगे।

गंभीर मरीजों को रैफर नहीं करना पडेग़ा। अस्पताल के इंडोर में नए मरीज भर्ती होंगे। पोस्टमार्टम के लिए परिजनों को नहीं भटकना पडेगा। साथ ही गंभीर मरीज को तुरंत इलाज मिल पाएगा। हड़ताल टूटने की घोषणा के साथ ही सेवारत चिकित्सकों ने अपने-अपने गुरुवार को जिले में लौटने शुरू हो गए। चिकित्सकों के गुरुवार को संबंधित अस्पताल में पहुंचने की उम्मीद है। इसके बाद सुबह नौ बजे से दोपहर तीन बजे तक ओपीडी में परामर्श मिलने लगेगा।

बढ़ जाएगा दबाव
जिले के सबसे बडे कल्याण अस्पताल में औसतन रोजाना 1300 से 1400 मरीज दिखाने आते हैं। हड़ताल के टूटने के बाद से कल्याण अस्पताल और जनाना अस्पताल पर मरीजों को भारी दवाब रहेगा। जांच के लिए भी परेशानी आएगी।

Published on: