सीकर जिले की पुजारी का बास निवासी सुरमा जाट के भाई सुभाष ने कोट चौकी प्रभारी उपेन्द्रसिंह पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कराया था।
सीकर. राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के करेड़ा पुलिस थाना परिसर में क्वार्टर में मौत को गले लगाने से पहले महिला कांस्टेबल सुरमा ने एएसआइ उपेंद्र सिंह के मोबाइल पर मैसेज कर आगाह किया था। मैसेज में लिखा था कि वह परेशान हो गई है और जान दे रही है। मुझे कोई सहारा नहीं मिला अब तुम खुश रहना। उसके बाद रात में कई बार उपेन्द्र ने माहिला कांस्टेबल को मैसेज किए बताए पर सुरमा का जवाब नहीं मिला। इसे उपेन्द्र ने भी गम्भीरता से नहीं लिया।
आशंका जताई जा रही है कि मैसेज के बाद सुरमा पंखे पर झूल गई। जानकारी में यह भी आ रहा है कि उपेन्द्र ने आखिरी बार सुरमा से मोबाइल पर बात में अपमानजनक भाषा इस्तेमाल की। इससे सुरमा को आत्मग्लानि हुई और उसने जान देने का आखिरी फैसला कर लिया था।
इधर, करेड़ा थाने में तैनात महिला कांस्टेबल के फंदे पर झूलकर जान देने के मामले में बुधवार को रायपुर थाने के सहायक उपनिरीक्षक उपेन्द्रसिंह को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया।
करेड़ा थानाधिकारी मनीष देव के अनुसार सीकर जिले की पुजारी का बास निवासी सुरमा जाट के भाई सुभाष ने कोट चौकी प्रभारी उपेन्द्रसिंह पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कराया था। जांच के बाद पुलिस ने एएसआइ को गिरफ्तार कर उसका मोबाइल भी जब्त कर लिया है। ढाई साल से दोनों के बीच निकटता बताई जा रही है।
भाई ने मांगा मोबाइल
मृतका सुरमा का शव फंदे पर लटका मिलने पर पुलिस ने गंगापुर में कोचिंग संस्थान चला रहे उसके भाइयों को करेड़ा बुलाया। पोस्टमार्टम के बाद उसके भाइयों ने सुरमा का मोबाइल जांच के लिए मांगा। पुलिस ने उसके भाई सुभाष को मोबाइल दे दिया। देर रात मोबाइल की जांच करते ही एएसआई उपेन्द्र के परेशान करने का राज खुला।
इधर, पूछताछ में उपेन्द्र ने बताया है कि वो और सुरमा करेड़ा थाने में एक साथ कार्यरत रह चुके हैं। इस दौरान उनमें नजदीकी बनी। करीब आठ माह पहले उपेन्द्र का तबादला रायपुर थाने हो गया। कोट चौकी प्रभारी लगाया।
उसके बाद भी दोनों में बातचीत होती थी। इससे पहले भी कई थानों में दोनों साथ रहे थे। पुलिस ने अब सोशल मीडिया पर दोनों के बीच हुई बातचीत को रिकॉर्ड में लिया है। गुरुवार को उपेंद्र को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेगी। तब आत्महत्या के पूरे कारणों का खुलासा हो सकेगा।
गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार
सुरमा का उसके पैतृक गांव में बुधवार को अंतिम संस्कार किया गया। इससे पहले घर से शव उठा तो परिजनों में कोहराम मच गया। बड़ी संख्या में लोग अंतिम संस्कार में शामिल हुए। परिजनों ने बताया कि सुरमा की शादी एक साल पहले लाडपुर खाटूश्यामजी निवासी राजपाल से हुई थी।