
फाइल फोटो- पत्रिका
सीकर। रिश्तों को शर्मसार कर देने वाले एक मामले में सीकर की पॉक्सो कोर्ट संख्या-1 ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। कोर्ट ने 7 साल की भतीजी के साथ बलात्कार करने वाले आरोपी चाचा को 20 साल के कठोर कारावास और 10 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है।
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न्यायाधीश विक्रम चौधरी ने फैसले के दौरान एक भावुक टिप्पणी करते हुए कहा कि पीड़िता इतने कोमल मन की है कि उसके साथ बलात्कार करने वाले व्यक्ति को वह अब भी चाचा कहकर संबोधित करती है। उस पर भरोसा करती है, लेकिन 7 वर्ष की अल्पायु की पीड़िता का रिश्ते में चाचा होते हुए उसे अपने घर बुलाकर उसके साथ अनैतिक कार्य कर उसने चाचा-भतीजी के रिश्ते को कलंकित किया है।
सरकारी वकील ने बताया कि 26 मार्च 2023 को ग्रामीण इलाके की पीड़िता घर के बाहर खेल रही थी। पिता मजदूरी पर और घर की महिलाएं बाहर थीं। मौका देखकर रिश्ते में चाचा 10 रुपए का लालच देकर उसे अपने घर ले गया और वहां बलात्कार की वारदात को अंजाम दिया। डरी-सहमी बच्ची ने परिजनों को बताया तो पुलिस में मामला दर्ज हुआ।
केस में अहम बात ये रही कि वारदात के समय आरोपी की उम्र 16 से 17 साल के बीच थी। पर अपराध की गंभीरता को देखते हुए किशोर न्याय बोर्ड ने आरोपी को बालिग मानकर केस पॉक्सो कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया। फिर जेजे एक्ट (2015) के तहत उसे बालिग मानकर ट्रायल चलाया गया।
अभियोजन पक्ष ने कोर्ट के समक्ष 17 गवाह और 23 दस्तावेज पेश किए। जेल की सजा के साथ कोर्ट ने पीड़िता को संबल देने के लिए पीड़ित प्रतिकर स्कीम के तहत 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलाने की भी अनुशंसा की है। वहीं दूसरी तरफ न्यायिक मजिस्ट्रेट नीमकाथाना सना खान ने अवैध हथियार रखने के एक मामले में दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए प्रत्येक को दो-दो वर्ष के कारावास एवं अर्थदण्ड से दण्डित किया है। सहायक अभियोजन अधिकारी ईलाश्री योगी ने राज्य सरकार की ओर से पैरवी करते हुए न्यायालय में आरोपियों के विरुद्ध 9 गवाह एवं 10 दस्तावेज प्रस्तुत कर आरोप सिद्ध किए।
Updated on:
16 Apr 2026, 7:48 PM IST
Published on:
16 Apr 2026, 7:48 PM IST
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