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Greenfield Expressway: 208 KM लंबे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे को लेकर बड़ा अपडेट, किसानों में बढ़ी हलचल, 6 हजार करोड़ का है प्रोजेक्ट

Kotputli-Kishangarh Greenfield Expressway: कोटपूतली-किशनगढ़ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे को लेकर भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया तेज हो गई है और प्रभावित गांवों में जनसुनवाई शुरू की जा रही है

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सीकर

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Rakesh Mishra

Apr 16, 2026

Beawar-Bharatpur Greenfield Expressway

Beawar-Bharatpur Greenfield Expressway (एआई तस्वीर)

कांवट। कोटपूतली से किशनगढ़ के बीच प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे परियोजना को लेकर जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज हो गई है। इस क्रम में प्रभावित गांवों के किसानों और खातेदारों की आपत्तियां व सुझाव सुनने के लिए प्रशासन ने जनसुनवाई कार्यक्रम तय किया है। खंडेला उपखंड अधिकारी ज्योत्सना खेड़ा इन जनसुनवाई बैठकों में मौजूद रहकर लोगों की समस्याएं सुनेंगी।

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उपखंड कार्यालय से जारी कार्यक्रम के अनुसार 12 मई को कांवट, 13 मई को लोहरवाड़ा और 14 मई को गढ़भोपजी में अटल सेवा केंद्रों पर जनसुनवाई आयोजित की जाएगी। इसमें प्रभावित खातेदारों, स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि भूमि अधिग्रहण से जुड़े सभी दावे, आपत्तियां और सुझाव सुनकर नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा। इस प्रक्रिया को लेकर क्षेत्र के किसानों में हलचल बढ़ गई है।

6 हजार करोड़ रुपए से अधिक खर्च का अनुमान

करीब 208 किलोमीटर लंबे इस प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के निर्माण की तैयारियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं। इस मार्ग के बन जाने के बाद कोटपूतली से किशनगढ़ की दूरी लगभग दो घंटे में पूरी की जा सकेगी, जबकि वर्तमान में इसमें करीब चार घंटे लगते हैं।

वहीं दिल्ली से अजमेर की यात्रा करने वाले लोगों को भी करीब दो घंटे का समय बचेगा। इस फोरलेन परियोजना पर 6 हजार करोड़ रुपए से अधिक खर्च का अनुमान है। एक्सप्रेस-वे कोटपूतली-बहरोड़ जिले के साथ सीकर, जयपुर और अजमेर जिलों को जोड़ते हुए गुजरेगा। परियोजना के तहत मार्ग पर 95 से अधिक अंडरपास और फ्लाईओवर बनाए जाने की योजना है, जबकि नौ स्थानों पर एंट्री और एग्जिट प्वाइंट विकसित किए जाएंगे।

यातायात का दबाव कम होगा

सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस एक्सप्रेस-वे पर दुपहिया और तिपहिया वाहनों की एंट्री प्रतिबंधित रहेगी। किसानों की आवाजाही सुगम बनाने के लिए हर एक से दो किलोमीटर की दूरी पर अंडरपास का प्रावधान किया जा रहा है। यह एक्सप्रेस-वे कोटपूतली के पनियाला क्षेत्र से शुरू होगा और इसे देश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे बनने से पुरानी सड़कों यानि दिल्ली जयपुर व अजमेर राजमार्ग पर यातायात का दबाव कम होगा और सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आने की संभावना है। बेहतर और सुरक्षित सड़क सुविधाओं से लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को भी मजबूती मिलेगी।