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Cbse 10th Result: सीकर की अरना चौधरी 99.20 प्रतिशत के साथ टॉपर, जानिए क्या है उनका सपना

Cbse 10th Result: सीबीएसई की 10वीं बोर्ड परीक्षा में भी सीकर जिले की छात्रा अरना चौधरी ने प्रदेशभर में टॉप किया है।
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Updated: 16 Apr 2026, 2:10 PM IST
अरना चौधरी
अरना चौधरी. Photo- Patrika

Cbse 10th Result: सीबीएसई ने दसवीं का परिणाम बुधवार को घोषित कर दिए। बेटियां फिर टॉप पर रही हैं। सीबीएसई के इतिहास में पहली बार अप्रेल में परिणाम जारी किया गया है। देश में अजमेर रीजन का दसवीं का परिणाम 94.78 (पिछले साल 95.44 प्रतिशत) रहा है।

पिछले साल के मुकाबले दसवीं के परिणाम में 0.66 प्रतिशत की गिरावट हुई है। अजमेर रीजन 94.78 के साथ देश में दसवें स्थान पर रहा है। पिछले साल 95.44 प्रतिशत के साथ रीजन छठे स्थान पर रहा था। इस बार यह चार पायदान नीचे लुढ़क गया है। जबकि 2024 में यह पांचवें स्थान पर रहा था।

सीबीएसई की 10वीं बोर्ड परीक्षा में भी सीकर जिले की छात्रा ने प्रदेशभर में टॉप किया है। अरना चौधरी ने 99.20 प्रतिशत अंक हासिल कर यह उपलब्धि अपने नाम की। भविष्य में सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनकर देश सेवा करने का सपना रखने वाली अरना ने अपनी सफलता का श्रेय सोशल मीडिया से दूरी, बिना दबाव के अपनी सुविधा के अनुसार पढ़ाई और माता-पिता व स्कूल स्टाफ की प्रेरणा को दिया है।

अरना के पिता डा. सुदेश तारपुरा सीएचची में चिकित्सक व मां अंजू झुंझुनूं के मलसीसर कॉलेज में अंग्रेजी की व्याख्याता है। अरना ने हिंदी व आइटी में शत प्रतिशत अंक हासिल किए।

दृश्या चौधरी: इंजीनियरिंग से देश सेवा का लक्ष्य

98.80 फीसदी के साथ टॉपर्स में जगह बनाने वाली छात्रा दृश्या चौधरी ने अपनी सफलता का राज अनुशासन और नियमित पढ़ाई को बताया। लक्ष्मणगढ़ निवासी दृश्या ने कहा कि उन्होंने रोजाना तय रूटीन के अनुसार पढ़ाई की और ध्यान भटकाने वाली चीजों से दूरी बनाए रखी।

पढ़ाई के साथ उन्हें ड्रॉइंग का भी शौक है, जिससे उन्हें मानसिक संतुलन बनाए रखने में मदद मिली। दृश्या ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और शिक्षकों के मार्गदर्शन को दिया। उनका सपना भविष्य में इंजीनियर बनकर देश की सेवा करना है। उन्होंने अन्य विद्यार्थियों को संदेश दिया कि लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर मेहनत करें, सफलता अवश्य मिलेगी।

तविशा सिंह: शोध से आमजीवन आसान बनाने का सपना

छात्रा तविशा सिंह ने अपनी सफलता का श्रेय नियमित मेहनत और अनुशासित दिनचर्या को दिया। नवलगढ़ रोड निवासी तविशा ने बताया कि उन्होंने प्रतिदिन 6 से 8 घंटे पढ़ाई कर यह उपलब्धि हासिल की। तविशा का सपना आईआईटी से कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग कर आमजन के जीवन को आसान बनाने के लिए शोध करना है।

जवाहर नवोदय रहे दूसरे स्थान पर

सीबीएसई के दसवीं के नतीजे में विद्यालयों के परिणाम में भी कड़ी टक्कर हुई है। अजमेर रीजन में जवाहर और केंद्रीय विद्यालयों के बीच मुकाबला करीबी रहा है। सरकारी, प्राइवेट और अनुदानित स्कूल इनसे काफी पीछे रहे हैं।दसवीं कक्षा में केंद्रीय विद्यालयों ने नतीजों में बाजी मारी है। रीजन में इनका परिणाम 99.63 प्रतिशत रहा है।

जवाहर नवोदय स्कूल 99.63 प्रतिशत के साथ द्वितीय स्थान पर रहे हैं। इंडीपेंडेंट स्कूल 95.06 प्रतिशत के साथ तीसरे, सरकारी स्कूल 88.6 प्रतिशत के साथ चौथे और अनुदानित स्कूल 86.68 प्रतिशत के साथ पांचवें स्थान पर रहे हैं। प्राइवेट स्कूल 56.25 प्रतिशत के साथ अंतिम पायदान पर रहे हैं। रीजन में 4921 विद्यार्थियों (5.01 प्रतिशत) को सप्लीमेंट्री परीक्षा के योग्य घोषित किया गया है।

Updated on:
16 Apr 2026, 2:10 PM IST
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