
सीकर. राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष मनन चतुर्वेदी ने कहा है कि शिक्षण संस्था प्रधान बालवाहिनियों के मामले में गंभीरता बरतें। शिक्षण संस्थाओं में विद्यार्थियों के आने व जाने के लिए परिवहन के निजी साधनों के अतिरिक्त शिक्षण संस्था के स्वयं के वाहनों तथा सार्वजनिक सेवा वाहनों का उपयोग किया जाता है। उनमें जो भी वाहन बाल वाहिनी के रूप में उपयोग में लिया जाए उन पर नियमों की पूरी पालना हो।
वे मंगलवार को जिला परिषद सभागार में राष्ट्रीय बाल अधिकार आयोग एवं राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की ओर से आयोजित समीक्षा बैठक में बोल रही थी। उन्होंने कहा कि बालवाहिनी वाहन पीले रंग से रंगा हुआ हो तथा उस पर ऑन स्कूल ड्यूटी अंकित किया जा सकता है। वाहन शिक्षण संस्था के नाम से पंजीकृत होना चाहिए तथा वाहन का रख रखाव, प्रदूषण मुक्ति प्रमाण पत्र, नीची सीढियां, प्राथमिक उपचार पेटी, पीने का पानी, रोशनी व हवा, आपातकालीन दरवाजा, उचित बैठक व्यवस्था, सहायक की व्यवस्था, अग्निशामक यंत्र सहित बच्चों की सुरक्षा के समस्त मानकों की पूर्ण पालना हो। शिक्षण संस्थान में प्रशिक्षित एवं सुयोग्य वाहन चालक की नियुक्ति करें तथा उसका वैध लाइसेंस व चरित्र प्रमाण पत्र का पुलिस से सत्यापित करवाया जाए।
उन्होंने कहा कि शाला प्रशासन निरन्तर जागरूक रहे तथा वाहन चालक के आचरण तथा विद्यार्थियों के प्रति व्यवहार पर पैनी नजर रखें। बाल वाहिनी का फिटनेस परीक्षण निधारित समयावधि में करवाना सुनिश्चत करें तथा स्कूल बस चालकों तथा सहायक को ड्यूटी समय निर्धारित समय ड्रेस पहनना अनिवार्य हो। कार्यशाला में जिला कलक्टर नरेश कुमार ठकराल ने कहा कि निजी बाल वाहिनियों में क्षमता से अधिक बच्चों को नही बैठाएं।
उन्होंने शिक्षा, परिवहन विभाग, निजी शिक्षण संस्थाओं के संचालकों से न्यायालय की ओर से जारी बाल वाहिनियों के संबंध में दिए गए निर्देशों की पालना करें। कार्यशाला में धोद विधायक गोवर्धन वर्मा,लक्ष्मणगढ विधायक गोविन्द सिंह डोटासरा, नगर सुधार न्यास के अध्यक्ष हरिराम रणवां, राज्य बाल संरक्षण आयोग के सदस्य शिवपाल सिंह, उमा रत्नू जयश्री गर्ग, डॉ. सीमा जोशी, डॉ. साधना सिंह, अर्जून बागडी, सी.डब्लयू. सी. के अध्यक्ष रतन लाल शर्मा, सदस्य गजेन्द्र सिंह चारण, निजी शिक्षण संस्थान अध्यक्ष बी.एल. रणवां, बाल अधिकारिता निदेशक जी.सी. देसाई, पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार, सीएलसी निदेशक श्रवण चौधरी, ब्राण्ड अम्बेसडर अभिलाषा रणवां, जिला साक्षरता अधिकारी राकेश लाटा सहित स्कूलों के संचालक मौजूद थे।