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UPSC की तर्ज पर पेपर, प्रतियोगी परीक्षाओं का बदला पैटर्न, जानें क्या हुए बड़े बदलाव

Competitive Exam Pattern Change: राजस्थान में प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर पैटर्न में बड़े बदलाव किए गए हैं। नए पैटर्न के कारण सवालों का स्तर अधिक कठिन हो गया है, जिससे कई भर्तियों में पद खाली रह गए हैं।
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Jan 29, 2026
Competitive Exam
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवा (फोटो: पत्रिका)

Patrika Exclusive: बदलते दौर में अब प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर का पैटर्न भी लगातार बदल रहा है। पिछली सरकार के समय कई प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक मामलों के बाद पेपर सेटर्स की ओर से लगातार सवाल पूछने का तरीका बदला जा रहा है। पिछले दो साल में हुई कई प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्न पत्रों में एआइ का भी असर दिखा है।

असिस्टेंट प्रोफेसर, स्कूल व्याख्याता, पुलिस सब इंस्पेक्टर टेलीकॉम, सांख्यिकी अधिकारी, पशु परिचर, प्लाटून कमाण्डर, तृतीय श्रेणी शिक्षक, विकास अधिकारी पुलिस कांस्टेबल, पटवारी व चतुर्थ श्रेणी आदि का पेपर पैटर्न अब तक युवाओं में चर्चा में है।

यूपीएससी की तर्ज पर राजस्थान लोक सेवा आयोग व चयन बोर्ड के पेपर तैयार कराने की वजह से पेपर स्तरीय होने के साथ-साथ कठिनाई का स्तर भी बढ़ा है। इस वजह से कई परीक्षाओं में युवा न्यूनतम 40 फीसदी अंक भी हासिल नहीं कर सके।

ऐसे में पिछले दो साल में कई भर्तियों में पद भी खाली रह गए है। नए पेपर पैटर्न की वजह से परीक्षा का समय प्रबंधन भी चुनौती बन गया है। तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती में कई विषयों का पेपर काफी लंबा आने की वजह से कई युवा पूरा पेपर भी हल नहीं कर सके।

ये हुए बड़े बदलाव

  1. ऑप्शन वाले सवाल कम: प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर में सबसे बड़ा बदलाव ऑप्शन वाले सवाल को लेकर है। पहले 90 फीसदी तक सवाल ऑप्शन वाले ही यानि अ, ब, स, द भरने वाले ही पूछे जाते थे। अब सीधे-सीधे सवाल पूछने के बजाय कथन - कारण व युग्म बनाने वाले सवाल ज्यादा पूछे जाने लगे है।
  2. संदर्भ पुस्तक: पहले कई प्रतियोगी परीक्षाओं में विभिन्न गाइडों से सीधे-सीधे सवाल भी पूछे जाते। अब एनसीईआरटी आधारित बोर्ड, स्नातक व स्नातकोत्तर की पुस्तकों से लगातार सवाल पूछे जाने लगे है। यही वजह है कि प्रश्न पत्र काफी स्तरीय नजर आने लगे है।

पेपर पैटर्न की वजह से खाली रहे पद

संस्कृत शिक्षा विभाग में सहायक आचार्य भर्ती परीक्षा सहित कई भर्तियों में स्तरीय पेपर की वजह पद भी खाली रह गए है। 200 पदों के लिए आयोजित संसकृत शिक्षा की सहायक आचार्य भर्ती में धर्मशास्त्र, यजुर्वेद और ज्योतिष फलित आदि विषयों के छह पदों पर एक भी अभ्यर्थी चयनित नहीं हो सका। इसके अलावा महिला अधिकारिता विभाग की प्रोटेक्शन ऑफिसर, कॉलेज शिक्षा व स्कूली शिक्षा के अलावा कई विभागों की भर्तियों में पद रिक्त रह गए।

टॉपिक एक्सपर्ट

प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर पैटर्न में लगातार तकनीक का प्रयोग बढ़ रहा है। शिक्षा सहित अन्य विभागों की बड़ी भर्तियों के प्रश्न पत्र में एआइ का असर भी सामने आया। यूपीएससी की तर्ज पर प्रश्न पत्र काफी स्तरीय आने से लगातार तैयारी में जुटे रहने वाले युवाओं को काफी फायदा मिल रहा है।
डॉ. हितेश शर्मा, कॅरियर काउंसर

Updated on:
29 Jan 2026 01:32 pm
Published on:
29 Jan 2026 01:32 pm
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