नीमकाथाना. राजस्थान सरकार की ओर से 2030 में राज्य के चहुंमुखी विकास को लेकर तैयार किए जा रहे विजन डाक्यूमेंट के लिए सोमवार को वन एवं पर्यावरण विभाग की ओर से लीज धारकों से सुझाव लिए गए। शहर के औद्योगिक क्षेत्र स्थित महाराजा अग्रसेन भवन में आयोजित मिशन 2030 बैठक में उपवन संरक्षक वीरेन्द्र कृष्णियां और प्रदूषण नियंत्रण मंडल क्षेत्रीय अधिकारी नीरज शर्मा उपस्थित रहे।
नीमकाथाना. राजस्थान सरकार की ओर से 2030 में राज्य के चहुंमुखी विकास को लेकर तैयार किए जा रहे विजन डाक्यूमेंट के लिए सोमवार को वन एवं पर्यावरण विभाग की ओर से लीज धारकों से सुझाव लिए गए। शहर के औद्योगिक क्षेत्र स्थित महाराजा अग्रसेन भवन में आयोजित मिशन 2030 बैठक में उपवन संरक्षक वीरेन्द्र कृष्णियां और प्रदूषण नियंत्रण मंडल क्षेत्रीय अधिकारी नीरज शर्मा उपस्थित रहे।
उन्होंने लीज धारकों को मिशन के लिए राज्य सरकार की मंशा से अवगत करवाते हुए सभी दोनों विभागों में सामने आने वाली समस्याओं और उनके सकारात्मक समाधान के लिए सुझाव देने के लिए प्रेरित किया। बैठक में उद्योग संघ नीमकाथाना अध्यक्ष दौलतराम गोयल ने वन विभाग की भूमि से गुजर रहे रास्ते जो सभी ग्रामीणों और अन्य लोगों द्वारा तो उपयोग किए जा रहे हैं परन्तु व्यवसायिक वाहनों के लिए प्रतिबंधित हैं, का डायवर्जन करवाकर रास्तों को व्यवसायिक वाहनों के लिए भी सुचारू करवाने का सुझाव दिया।
साथ ही नीमकाथाना माइनिंग एण्ड क्रेशर वैलफेयर सेवा समिति सचिव शंकर सैनी ने वन सीमा के साथ लगती खातेदारी भूमि में व्यवसायिक गतिविधि के उचित वन रक्षा मानदंड अपनाते हुए न्यूनतम दूरी के प्रावधानों को पूर्व की भांति 25 मीटर रखने, अनापत्ति प्रमाण पत्र के लिए प्रस्तुत आवेदन पत्रों का समयबद्ध और बिना भेदभाव के मेरिट के आधार पर निस्तारण करने, वन विभाग द्वारा क्षेत्र में किए जा रहे पौधा रोपण में स्थानीय वनस्पति का संरक्षण कर अधिकाधिक स्थानीय वनस्पति का पौधारोपण करने, गाजर घास और अन्य खतरनाक खरपतवार को वन क्षेत्र और अन्य चारागाह क्षेत्र में फैलने से रोकने के प्रभावी उपाय करने की मांग की।
सैनी ने प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अधिकारियों से क्षेत्र के खनन क्षेत्रों में पक्की सड़कें बनाने की मांग करते हुए सुझाव दिया। इसके लिए क्षेत्र के व्यवसायियों द्वारा जमा करवाए जा रहे डीएमएफटी फंड का उपयोग किया जा सकता है। बैठक में वन विभाग के कर्मचारियों ने भी अपनी समस्याओं से सरकार को अवगत करवाते हुए समस्या समाधान सुझाव दिए। बैठक में नीमकाथाना प्रभारी उप वन संरक्षक बनवारी लाल नेहरा, रेंजर श्रवण कुमार बाजीया, पाटन रेंजर मनोज कुमार मीणा, लघु उद्योग भारती के पीयूष मेगोतिया, छगन लाल मोदी, सीताराम यादव, दिनेश अग्रवाल, पुनीत सैनी, प्रहलाद व्यास समेत अनेक लीज धारक और अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।