श्रीमाधोपुर में गत नौ फरवरी को सडक़ हादसे में घायल सीआरपीएफ के जवान मुकेश कुमार मील का मंगलवार को इलाज के दौरान निधन हो गया। सीआरपीएफ जयपुर बटालियन की टीम पार्थिव देह को सेना के वाहन में रखकर पहले श्रीमाधोपुर लेकर आई।
श्रीमाधोपुर में गत नौ फरवरी को सड़क हादसे में घायल सीआरपीएफ के जवान मुकेश कुमार मील का मंगलवार को इलाज के दौरान निधन हो गया। सीआरपीएफ जयपुर बटालियन की टीम पार्थिव देह को सेना के वाहन में रखकर पहले श्रीमाधोपुर लेकर आई। उसके बाद शव उसके पैतृक गांव सौंथलिया लाया गया। जवान के चचेरे भाई राजेश कुमार मील ने बताया कि दिल्ली सीआरपीएफ में कार्यरत मुकेश पीएम सुरक्षा में तैनात था। आठ फरवरी को गांव आया हुआ था। नौ फरवरी को बाइक से श्रीमाधोपुर गया था। श्रीमाधोपुर बाइपास रोड पर डंपर की टक्कर से मुकेश गंभीर घायल हो गया, जिसका जयपुर में उपचार चल रहा था। मंगलवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
जवान के निधन का समाचार सुनकर श्रीमाधोपुर अस्पातल के बाहर सैंकड़ों ग्रामीणों, युवाओं का हुजूम उमड़ पड़ा। पार्थिव देह को पोस्टमार्टम की कार्यवाही के बाद फूल मालाओं से सजे सेना के वाहन में रखकर पैतृक गांव सौंथलिया के लिए डीजे व बाइक तिरंगा रैली के साथ रवाना किया गया। तिरंगा रैली में खण्डेला विधायक सुभाष मील भी शामिल हुए। पैतृक गांव सौंथलिया में मंगलवार को राजकीय सम्मान के साथ जवान की अंत्येष्टि की गई। जवान के आठ वर्षीय पुत्र चिराग ने मुखाग्रि दी गई। सेना के अधिकारियों ने जब आठ साल के चिराग को तिरंगा समेटकर सौंपा तो हर आंख रो उठी।
जवान की पार्थिव देह पर खण्डेला विधायक सुभाष मील, जाजोद थानाधिकारी रामसिंह, सीआरपीएफ बटालियां के अधिकारी व जवानों व उपस्थित प्रबुद्धजनों ने पुष्प अर्पित कर अंतिम विदाई दी।
मां-पत्नी हुई बेसुध
राजेश कुमार मील ने बताया कि जवान मुकेश मील के पिता रामेश्वर लाल मील का करीब पांच वर्ष पूर्व ब्रेन हेमरेज से निधन हो गया था। वह अपने पिता के इकलौता बेटा था। जवान मुकेश के आठ वर्षीय पुत्र चिराग व पांच वर्षीय पुत्री अक्षिता है। जवान की पार्थिव देह को देखकर पत्नी सुमन कुमारी व मां कमला देवी व परिजनों के रो रोकर बुरे हाल गये।
2011 में ज्वाइनिंग
जवान मुकेश मील 2011 में सीआरपीएफ अजमेर में ज्योनिंग हुई थी। जवान मुकेश मील की शादी 2013 में हुई। इस मौके पर एडवोकेट भागीरथ मल कूडी, झाबरमल मील, सुरेश मील, कैलाश बाजिया, देबूराम वर्मा, सावंतराम मील, शंकर लाल काजल, बाबूलाल कुड़ी, राजेंद्र बाजिया, किशन सिंह रूलानिया सहित सैकड़ो ग्रामीण मौजूद रहे ।