
सीकर जिले में नीमकाथाना उपखंड के निमोद गांव में 3500 फीट ऊंचे पहाड़ पर स्थित हिंगलाज माता के मंदिर को लेकर एक किदवंती है, जो इस इलाके में खासी चर्चा में है।
मंदिर कमेटी के व्यवस्थापक देवकरण सिंह बताते हैं कि करीब 500 वर्ष पहले निमोद गांव के राजा मूलरावजी के स्वप्न में माता ने आई और पहाड़ पर प्रकट होने का संदेश दिया।
सुबह राजा ढपली बजाने वाले राणा-राणी के साथ मूर्ति प्राकट्य स्थान पर पहुंचे। जब मूर्ति प्रकट हो रही थी तो राणा-राणी डर गए और मूर्ति को अपनी ढपली से ढकने की गलती कर दी। इससे माता की मूर्ति छोटी रह गई तो माता नाराज हो गई।
जिस पर माता ने राणा-राणियों को गांव में वंश नहीं चलने का श्राप दे दिया। मंदिर कमेटी के अध्यक्ष उम्मेद बताते हैं कि तब से ग्रामीण इसे हिंगलाज माता के रूप में पूजते आ रहे हैं। प्रतिवर्ष चेत्र व आश्विन की अष्टमी पर बड़ा मेला लगता है। जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेने पहुंचते हैं।