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4 बेटियों के सिर से उठा पिता का साया, सऊदी अरब से राजस्थान पहुंचे शव को देखकर बेसुध हुई पत्नी, गमगीन माहौल में हुआ अंतिम संस्कार

Youth Died By Heart Attack In Saudi Arabia: काम करने के दौरान ही हार्ट अटैक आया, जिसमें सांवरमल की मौत हो गई। साथी मजदूरों ने इसकी सूचना परिजनों को दी। परिवार का दुख यहीं समाप्त नहीं हुआ। सांवरमल के शव को लाने में सरकार ने कोई मदद नहीं की।
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Updated: 20 Jan 2025, 1:06 PM IST
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Rajasthan News: सऊदी अरब में करीब डेढ़ माह पहले हार्ट अटैक से जान गंवाने वाले कस्बे के सांवरमल मेघवाल का शव शनिवार को लक्ष्मणगढ़ स्थित उसके घर पहुंचा, जहां गमगीन माहौल में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। सांवरमल का शव घर पहुंचते ही उसकी पत्नी तथा बेटियां बेसुध हो गई।

वार्ड 31 में पावर हाउस के पास रहने वाला सांवरमल (48 वर्ष) सऊदी अरब में मेशन का काम करता था। डेढ़ साल पहले वह घर आया था। गत 7 दिसंबर 2024 को वहां काम करने के दौरान ही उसे हार्ट अटैक आया, जिसमें सांवरमल की मौत हो गई। साथी मजदूरों ने इसकी सूचना परिजनों को दी। परिवार का दुख यहीं समाप्त नहीं हुआ। सांवरमल के शव को लाने में सरकार ने कोई मदद नहीं की। परिजनों ने अपने खर्चे पर शव मंगवाया।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़:

छह जनों के परिवार में सांवरमल अकेला कमाने वाला था। परिवार में पत्नी शारदा के लिए चार बेटियां हैं। 14 साल की पायल 11वीं कक्षा में, 12 साल की प्रतिज्ञा 6वीं कक्षा में तथा 8 साल की पलक तीसरी कक्षा में है। सबसे छोटी बेटी अवधि तीन साल की है। परिवार का एकमात्र सहारा छिन जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया है। शारदा व उसकी बेटियों के समक्ष जीवन-यापन का कड़ा संकट पैदा हो गया है। पार्षद प्यारेलाल मेघवाल ने परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति तथा आजीविका के एकमात्र स्रोत के छिन जाने से संकट में आए परिवार की मदद करने की गुहार सरकार से की है।

गणेश्वर के व्याख्याता की ब्रेन हेमरेज से मौत

इन दिनों तेज सर्दी से ब्रेन हैमरेज के मरीज बढ़ रहे हैं। उपचार के दौरान मौत हो रही है। गांव गणेश्वर के रहने वाले देवेंद्र कालावत (42) 13 जनवरी को सुबह घर का दरवाजा खोल रहा था इसी समय अचानक चक्कर आए और सिर की नस फट गई।

गंभीर हालत में जयपुर के अस्पताल में भर्ती करवाया जहां उपचार के दौरान रविवार को मौत हो गई। दोपहर बाद अंतिम संस्कार किया गया। मृतक के एक बेटी है। मृतक राउमावि सांवलपुरा शेखावतान में व्याख्याता था। डॉ गौतम सैनी ने बताया कि तेज सर्दी से खून की नसे सिकुड़ जाती हैं।

सर्दी से बचाव करें। बीपी व शुगर वाले मरीज जांच करवाते रहे। मानसिक तनाव से दूर रहे, ताजा खानपान करे और रात को गर्म पानी पीये। 6 महीने में मृतक के घर 3 बार शोक का मातम छा गया। 6 माह पहले दादी का निधन हो गया था। दादी के निधन के बाद व्याख्याता के पिता का निधन हो गया और अब व्याख्याता का निधन हो गया।

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20 Jan 2025, 1:06 PM IST
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