
Kota Accident News: कोटा में रविवार सुबह नेशनल हाइवे 27 पर कोहरे के चलते एक हादसे के बाद आठ वाहन आपस में टकरा गए। हादसों में एक ट्रक चालक मोहनलाल की मौत हो गई, जबकि अन्य घायल हो गए। कोहरे और मलबे के चलते हुए हादसों में दो ट्रक, एक बलगर, एक ट्रेलर, एक कंटेनर, एक डंपर, एक कार और एक एंबुलेंस क्षतिग्रस्त हुई। हादसे कोटा से बारां जाने वाली दिशा में रेलवे क्रॉसिंग से कैथून मोड़ के बीच हुए।
हादसों के बाद हाइवे पर लंबा जाम लग गया। सूचना पर पहुंची पुलिस और प्रशासन की टीमें जाम को खुलवाने के लिए कार्य में जुटी हुईं। भारी वाहनों को क्रेन की मदद से हटाया गया और रास्ते को साफ किया गया। घायलों में ट्रक का खलासी कालू गुर्जर, कार सवार अहमदाबाद निवासी निखिल बारोट का परिवार शामिल है। उद्योग नगर सीआई जितेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि सुबह 7 बजे हादसे की सूचना मिली थी। पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे और घायल को अस्पताल भेजा। हादसा कोहरे और मलबे के कारण हुआ है और काफी मशक्कत से रास्ता साफ करवाया।
उद्योग नगर थाने के एएसआई शूरवीर सिंह ने बताया कि पहले हादसे में पीछे से आते हुए बलगर और कंटेनर ने ट्रक को टक्कर मारी। टक्कर से ट्रक में भरी मुर्रम हाइवे पर फैल गई, जिससे यह मार्ग जाम हो गया था। हादसे में कंटेनर और ट्रक क्षतिग्रस्त हो गए और बलगर चालक चित्तौड़गढ़ जिले के निमोद निवासी मोहन लाल की मौत हो गई, जबकि खलासी कालू गुर्जर घायल हुआ।
दूसरा हादसा लगभग 150 मीटर पहले हुआ, जिसमें एक ट्रक ने एंबुलेंस और कार को पीछे से टक्कर मार दी। , जिससे दोनों वाहन पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए। एंबुलेंस कोटा से शव को लेकर बारां जा रही थी। जबकि कार सवार अहमदाबाद का परिवार प्रयागराज जा रहा था। इस दुर्घटना में घायलों को अस्पताल भेजा गया।
क के बाद एक दो हादसों से हाइवे पर वाहन फंसे हुए थे। तीसरे हादसे में कोहरे के दौरान ही तेज गति से आए एक डंपर ने ट्रेलर को पीछे से टक्कर मारी। डंपर और ट्रेलर को नुकसान हुआ।
कोहरे में हादसे का शिकार हुए कार सवार अहमदाबाद निवासी निखिल बारोट ने बताया कि परिवार के साथ प्रयागराज जा रहे थे। सुबह 6 बजे हाइवे पर भारी जाम में हमारी कार फंसी हुई थी। मैं और भाई कार से बाहर निकलकर टहल रहे थे। इसी दौरान, एक एंबुलेंस कार के पीछे से आकर खड़ी हुई। इसके बाद में तेज गति से आए एक ट्रक ने पहले एंबुलेंस और फिर हमारी कार को टक्कर मारी।
निखिल ने बताया कि उन्हें नेशनल हाईवे अथॉरिटी से कोई मदद नहीं मिली। चार घंटे तक उनका परिवार कार में फंसा रहा। बेटे खुश व रुद्र और पत्नी प्रियंका को चोटें आईं। प्रियंका के हाथ और पैरों में चोटें आईं, जबकि कार में फंसे बच्चों को निकालने में दोनों भाइयों के हाथ में चोट आई। निखिल ने कहा कि टोल वसूली के साथ नेशनल हाइवे ऑथोरिटी में हादसों में घायलों की मदद भी करनी चाहिए।
Updated on:
20 Jan 2025, 8:43 AM IST
Published on:
20 Jan 2025, 8:43 AM IST
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