
सीकर। राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से घोषित समाजशास्त्र के असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा परिणाम में स्वामी की ढाणी निवासी जितेन्द्र चौधरी ने पहली रैंक हासिल कर जिले का मान बढ़ाया है।
एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज, जोधपुर से पढ़ाई पूरी करने के बाद जितेन्द्र ने यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी। यूपीएससी परीक्षा में भी बेहतर प्रदर्शन किया, लेकिन अंतिम रुप से चयन नहीं हो पाया। इस बीच असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती की विज्ञप्ति जारी हुई तो तैयारी शुरू कर दी।
लिखित परीक्षा में जितेंद्र ने 200 में से 142 अंक हासिल किए हैं। उन्होंने बताया कि अब यूपीएससी के जरिए सिविल सेवा में जाने का लक्ष्य है। इसके लिए लगातार तैयारी कर रहे हैं। जितेंद्र ने अपनी सफलता का श्रेय पिता सांवरमल, माता शारदा देवी और परिजनों को दिया है। वे फिलहाल राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर के समाजशास्त्र विभाग में डॉ. लोकेश्वरी के निर्देशन में पीएचडी कर रहे हैं।
टॉपर जितेंद्र ने बताया कि असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा के साक्षात्कार में उनसे कई सवाल पूछे गए। इसमें एक सवाल यह भी पूछा गया कि खाटूश्यामजी मंदिर का ऐतिहासिक महत्व क्या है। इसके अलावा साक्षात्कारकर्ताओं ने पारिवारिक व्यवस्था आदि को लेकर भी सवाल पूछे । उन्होंने बताया कि नियमित अध्ययन के दम पर यह मुकाम हासिल हुआ है।
टॉपर जितेंद्र चौधरी ने पत्रिका से खास बातचीत में अपनी सफलता की कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि बिना कोचिंग के यह सफलता हासिल की है। इसके लिए उन्होंने सिलेबस का दो से तीन बार रिविजन किया। उन्होंने बताया कि समय प्रबंधन के दम पर हर क्षेत्र में सफलता संभव है। जितेन्द्र का कहना है कि व्यक्ति को हमेशा अपने लक्ष्य पर नजर रखते हुए मेहनत करनी चाहिए।