
मासूम को तलाश करती टीमें। फोटो- पत्रिका
नीमकाथाना/गणेश्वर। निमोद की पहाड़ियों में सात दिन से एक ही सवाल गूंज रहा है आखिर मासूम भावेश कहां है? घने जंगल, खतरनाक चट्टानें और दुर्गम रास्तों के बीच पुलिस, एसडीआरएफ और वन विभाग व ग्रामीण दिन-रात उसकी तलाश में जुटे हैं। हर बीतता दिन परिजनों की चिंता और उम्मीदों के बीच लंबा होता जा रहा है। पहाड़ी का कठिन भूगोल सर्च ऑपरेशन के सामने बड़ी चुनौती बना हुआ है। कहीं सैकड़ों फीट गहरी खाइयां हैं तो कहीं फिसलन भरी चट्टानें।
यह वीडियो भी देखें
कई स्थानों पर जवानों को जान जोखिम में डालकर बड़ी-बड़ी चट्टानों से नीचे उतरना पड़ रहा है। सर्च के दौरान कई जवान फिसलने से बाल-बाल बचे। कठिन रास्तों से गुजरते हुए कई जवानों के कपड़े तक फट गए, लेकिन मासूम को खोजने का जज्बा कमजोर नहीं पड़ा। जंगल की खामोशी के बीच टीम की हर आहट पर नजर है। हर झाड़ी, हर खोह और हर पगडंडी को खंगाला जा रहा है। उम्मीद की डोर थामे परिजन और ग्रामीण आज भी उसी इंतजार में हैं कि कहीं से भावेश की एक झलक या कोई सुराग मिल जाए।
भावेश के घर का माहौल किसी अंतहीन प्रतीक्षा की कहानी बन गया है। मां की आंखें दरवाजे पर टिकी रहती हैं। हर दस्तक पर लगता है शायद बेटा लौट आया हो, हर आहट पर दिल धड़क उठता है। मगर शाम ढलते-ढलते उम्मीद फिर अगले दिन के सहारे रह जाती है। घर में रखे उसके खिलौन, बिखरे हुए कपड़े और खाली पड़ा आंगन मानो उसकी अनुपस्थिति की गवाही दे रहे हैं।
गांव के लोग भी इस घटना से व्यथित हैं। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में दुआओं का दौर जारी है। हर कोई यही कामना कर रहा है कि भावेश सकुशल मिले और उसके घर की बुझी मुस्कान फिर लौट आए। सात दिनों से चल रही इस तलाश के बीच एक मां का इंतजार सबसे लंबा है। पूरे क्षेत्र की निगाहें उस तलाश पर टिकी हैं, जिसका अंत एक खुशखबरी के साथ होने की दुआ हर कोई कर रहा है।
गौरतलब है कि मासूम भावेश अपने ननिहाल सीकर आया हुआ था और परिजनों के साथ निमोद गांव की पहाड़ी पर स्थित हिंगलाज माता मंदिर में दर्शन करने गया था। इसी दौरान वह अचानक लापता हो गया। घटना के तुरंत बाद पुलिस प्रशासन ने तलाश शुरू कर दी थी, लेकिन सात दिन बीत जाने के बावजूद बच्चे का कोई पता नहीं चल पाया है। आईजी के निर्देश पर पहाड़ी क्षेत्र में मेगा सर्च ऑपरेशन लगातार चल रहा है, जिसमें जिले के 10 थानों की पुलिस, वन विभाग और एसडीआरएफ की टीमें जुटी हुई हैं। बुधवार को पुलिस अधीक्षक प्रवीण नायक नूनावत स्वयं पहाड़ी पर पहुंचे और सर्च अभियान की समीक्षा कर दिशा निर्देश दिए।
पहाड़ी क्षेत्र को अलग-अलग सेक्टरों में बांटकर व्यापक सर्च अभियान चलाया जा रहा है। पहाड़ी के ऊपर और आसपास करीब पांच किलोमीटर के दायरे में पुलिस, वन विभाग और एसडीआरएफ की टीमें चप्पा-चप्पा छान रही हैं। इंटेलिजेंस इनपुट की मदद ली जा रही है, वहीं ड्रोन कैमरों से भी लगातार निगरानी रखी जा रही है।
Published on:
19 Jun 2026 03:14 pm
बड़ी खबरें
View Allसीकर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
