
Rajasthan Greenfield Expressway : सीकर। रींगस में सरगोठ गांव स्थित एनएच-52 पर राष्ट्रीय किसान महासभा के बैनर तले किसान चौपाल का आयोजन हुआ। चौपाल में किसानों ने कोटपूतली से किशनगढ़ तक प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे परियोजना का विरोध जताया।
किसानों ने बताया कि करीब 6906 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले 181 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेस-वे से किसानों की खेती बर्बाद हो रही है। किसानों ने कहा कि वह अपनी खेती की उपजाऊ जमीन किसी भी कीमत पर बर्बाद नहीं होने देंगे। उनका आरोप था कि यह परियोजना आम जनता के हित में नहीं, बल्कि पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने वाली नीति है, जिससे हजारों किसान परिवारों की आजीविका पर संकट मंडरा रहा है।
सभा को संबोधित करते हुए किसान नेता बनवारी कुड़ी ने कहा कि विकास के नाम पर किसानों से उनकी जमीन छीनी जा रही है। हम देश के विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन किसानों की आजीविका छीनना किसी भी सूरत में मंजूर नहीं है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि पहले से बने हाईवे और सड़कों को दुरुस्त किया जाए, नई परियोजनाओं के नाम पर किसानों की जमीनें न छीनी जाएं। सभा में आसपास के गांवों से आए किसानों ने परियोजना को रद्द करने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की गई, तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
इस मौके पर पंचायत प्रशासक मोहनलाल काकोड़िया, गजानंद यादव, सुरेंद्र सिंह बेनीवाल,ओमप्रकाश शर्मा, हरलाल सिंह यादव, प्रदीप शर्मा, रिंकू पारीक, मुकेश डीएम सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहे।