
Agniveer Recruitment: भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना में हो रही अग्निवीर की भर्ती राजस्थान के रणबांकुरों को पंसद नहीं आ रही है। जंग में जंगबाजी का जौहर दिखानें वाले इन जाबांजो ने सेना के बदले नियम के बाद अपना रास्ता बदल दिया है। शेखावाटी वह इलाका है जहां हर दूसरे घर में सैनिक बसता है लेकिन सेना में भर्ती का नया फार्मूला उन्हें रास नहीं आ रहा है। अग्निवीर योजना 10 लाख से अधिक युवाओं के अरमान तोड़ रहा है। युवा अब कॅरियर की राह बदलने लगे हैं।
इसलिए हो रहा है संशय
अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीरों की भर्ती कर रही है। इस भर्ती में शारीरिक परीक्षण के पहले ही लिखित परीक्षा हो रही है। दूसरा अब सेना में स्थायित्व का भी संशय युवाओं में है। यही वजह है कि अब ये युवा सेना से इतर राजस्थान पुलिस, रेलवे पुलिस, बीएसएफ, असम राइफल्स आदि की भर्तियों पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। इसेना भर्ती की तैयारी करने वाले युवाओं की संख्या चार लाख तक रह गई है। अग्निपथ योजना लागू होने से पहले अमूमन देशभर में 90 से 105 तक सेना भर्ती रैली होती थीं।
कुछ भी हो जाएंगे बॉर्डर पर ही
सीकर निवासी जयभगवान ने कहा कि मेरे परिवार ने चार शहीद दिए हैं। परिवार के छह युवा सेना भर्ती की तैयारी में जुटे हैं। पूरी ईमानदारी और निष्ठा से काम करेंगे तो निश्चित तौर पर नियमित होंगे। कुछ भी हो जाएंगे बॉर्डर पर ही
युवाओं का सवाल, 4 साल बाद क्या करेंगे
सीकर निवासी सतेन्द्र चौधरी समेत अन्य युवा बोले, अग्निपथ योजना में चार साल नौकरी करने के बाद भी स्थायी होंगे या नहीं, इसकी गारंटी नहीं। आरपीएफ, राजस्थान पुलिस व असम राइफल्स सहित अन्य परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी है।
कम हुआ जोश
जयपुर निवासी लक्ष्मण सिंह ने बताया कि परिवार का सेना से लंबा जुड़ाव है। बचपन से सेना में जाने का सपना रहा। नए नियमों से जोश कम हुआ है। सरकार को इस पर विचार करना चाहिए। मेरे जैसे युवाओं की मांग पर ध्यान देना चाहिए।
कहां कितने सैनिक सेवारत
उत्तरप्रदेश: 2,18,512
बिहार: 1,04,539
राजस्थान: 1,03,265
महाराष्ट्र: 93,938
पंजाब: 93,438
हरियाणा: 89,239