सीकर

शहीद के पिता की आंखों के आंसू देख युवाओं का आक्रोश निकला सडक़ पर

शहर में निकाली गई आक्रोश रैली में शहीदों के सम्मान के लिए युवाओं का खून उबल रहा था। जैसे ही सुबह शहीद रामकुमार गुर्जर की मूर्ति से पालिकाध्यक्ष के पुत
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Jan 07, 2018
neemkathana news


नीमकाथाना. कहते हैं जब आंधियां चलती है तो तुफानों का रास्ता बदल जाता है,जब बिजली चमकती है तो आसमा का नजारा बदल जाता है,और जब युवा शक्ति मचल जाती है तो इतिहास बदल जाता है। ये चंद पंक्तिया शहर के युवाओं पर जब चरितार्थ हुई तब शनिवार को सुबह शहर में निकाली गई आक्रोश रैली में शहीदों के सम्मान के लिए युवाओं का खून उबल रहा था। जैसे ही सुबह शहीद रामकुमार गुर्जर की मूर्ति से पालिकाध्यक्ष के पुतले की शव यात्रा शुरु हुई तो युवाओं के आक्रोश को देखते हुए हर कोई हरकत में आ रहा था।

उस दरमियान युवाओं में बस एक ही जज्बा देखने को था कि अब तो दम तब ही लेंगे जब शहीदों की लड़ाई की जीत हासिल होगी। रैली शहर के रामलीला मैदान,कपिल मंडी खेतड़ी मोड़ होती हुई नगर पालिका के सामने धरने पर पहुंच कर सभा में तब्दिल हो गई। वहा पर युवाओं ने नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की तथा पालिकाध्यक्ष त्रिलोक दीवान के पुतले को जलाया। इसके बाद सभा का आयोजन किया गया। जिसमें यादव महासभा अध्यक्ष संजय यादव, करण सिंह बोपिया,धर्मपाल गुर्जर, प्रवीण जाखड़ ,गोपाल सैनी मौजूद थे।

और....भर आई शहीद पिता की आंखें

मुख्य वक्ता धर्मपाल गुर्जर ने जैसे ही सभा को संबोधित करना शुरू किया जो भारत मां के जयकारों से पांडाल गूंज उठा। उन्होंने कहा कि उस शहीद की मां से पूछों जिसकी बुढ़ापे की कोख उजड़ गई। उस बाप के दर्द को पूछो जिसकी बुढ़ापे की लाठी छीन गई। जिस नारी का दर्द देखिये जिसका सिंन्दूर उजड़ गया। ये शब्द सुनकर शहीद पिता सांवलराम यादव की आंखे भर आई । लोगों ने यादव को संघर्ष में कंधे से कंधा मिलकर साथ देने का वादा दिया।

Published on:
07 Jan 2018 02:21 pm