PM MODI IN RAJASTHAN : जयपुर सभा के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने वाले लोगों से बातचीत कर हकीकत जानेंगे।
सीकर. जयपुर में सात जुलाई 2018 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मौजदूगी में होने वाले लाभार्थी सम्मेलन के लिए अधिकारी अब विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को संवाद कला सीखा रहे हैं, क्योंकि प्रधानमंत्री योजनाओं का लाभ लेने वाले लोगों बातचीत कर हकीकत जानेंगे। इसके लिए अभी से अधिकारी योजनाओं के आवेदन से लेकर, राशि मिलने, उसके उपयोग व योजना के फायदे के बारे में बता रहे हैं। इसके लिए सभी जिलों में समन्वयक भी लगाए हैं। इधर, भाजपा पदाधिकारी भी कार्यकर्ताओं को योजनाओं की जानकारी देने में जुटे है।
यह रहेंगे कलर, डे्रस कोड तय
सम्मेलन में शामिल होने वाले लाभार्थियों के लिए कंधे से कमर तक के लिए डे्रस कोड भी तय किया है। उज्जवला योजना के लिए लाल, स्वच्छता मिशन के लिए पीला रंग तय किया है। इसी तरह अन्य योजनाओं के लिए भी दस तरह के रंग तय हुए है।
नेताओं की भी ग्रेडिंग
राजस्थान विधानसभा चुनाव 2018 से पहले होने वाली पीएम मोदी की जयपुर सभा राजनैतिक रूप से भी काफी मायने रखती है। इसलिए सभी विधानसभा क्षेत्रों के प्रभारी व विधायक भी अपने लक्ष्य से ज्यादा भीड़ जुटाने की तैयारी में हंै। कई नेताओं ने तो सभा के लिए आमंत्रण कार्ड भी छपवाए हैं।
योजनाओं को मिसाल बनाने की कवायद
प्रधानमंत्री मोदी की जयपुर सभा को भाजपा योजनाओं की मिसाल बनाने की कवायद में लगी है। भाजपा नेताओं का मानना है कि यदि योजनाओं को जयपुर में प्रधानमंत्री मोदी सराहते हैं तो फिर इन योजनाओं को लेकर जनता के बीच जाया जाएगा। इससे पहले राजस्थान मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भी अपने जनसंवाद कार्यक्रमों में इन योजनाओं की सफलता को गिना चुकी हैं।
लक्ष्य पूरे करने वालों पर रहेगी नजर
पीएम मोदी की जयपुर सभा में सबसे ज्यादा नजर लक्ष्य हासिल करने वालों जिलों पर रहेगी। इसमें सीकर, जोधपुर, उदयपुर व जयपुर सहित कई जिले हंै, क्योकि सबसे ज्यादा भीड़ लाने का जिम्मा इन्हीं जिलों के कलक्टरों को दिया है। सूत्रों का कहना है कि यदि इन जिलों से कम लाभार्थी पहुंचते हैं तो फिर योजनाओं की समीक्षा होगी कि क्यों लोग योजनाओं से संतुष्ट नहीं है क्या।
शादियों का सीजन व वाहनों की व्यवस्था बनी चुनौती
शादियों के सीजन में वाहनों की व्यवस्था प्रशासन के साथ भाजपाईयों के लिए चुनौती बन गया है। वहीं सैकड़ों लाभार्थियों के घरों में शादी-समारोह होने के कारण उनको कुछ घंटे के लिए जयपुर चलने की बात कही जा रही है। इसके लिए सभी विभागों के अधिकारियों को व्यक्तिगत रुप से लाभार्थियों से सम्पर्क करने के निर्देश दिए है।