सीकर

Sikar Rain VIDEO : निचले इलाकों में टूट गया कई सालों का रिकॉर्ड, बारिश ने रातभर दिखाया ऐसा मंजर

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Jul 25, 2018
heavy rain in sikar
Sikar Rain

सीकर. बारिश के सीजन 2018 में बदरा सीकर जिले पर खासे मेहरबान हैं। लगातार अच्छी बारिश जारी है। आलम यह है कि मंगलवार शाम से लेकर बुधवार सुबह तक बारिश का सिलसिला जारी है। ऐसा लग रहा है कि जैसे बारिश ने सीकर में कफ्र्यू लगा रखा है। शाम को जोरदार बारिश हुई। इसके बाद से सावन की सी झड़ी लगी हुई है। ऐसे में लोग बेहद जरूरी कार्यों के लिए ही घरों से बाहर निकल पा रहे हैं।

मंगलवार शाम करीब छह बजे हुई बारिश के दौरान सीकर तहसील में सवा इंच बरसात दर्ज की गई। बरसात के बाद स्टेशन रोड, बस डिपो, देवीपुरा, नवलगढ़ रोड सहित अन्य इलाकों में सड़कों से पानी बह निकला। नालियों का पानी उफान मारने लगा। देवीपुरा कोठी, शांति नगर, औद्योगिक क्षेत्र सहित निचले इलाकों में बरसाती पानी भर गया। इससे यातायात कुछ देर के लिए प्रभावित हुआ। पानी घुसने से कई वाहन बंद हो गए। इसके बाद रात करीब आठ बजे बारिश का दौर चला। 15 मिनट तक मूसलाधार बरसात के बाद रुक-रुक कर बारिश हुई। मौसम में ठंडक घुल गई।


नीमकाथाना उपखंड मं 15 मिमी बारिश हुई। करीब 30 मिनट हुई बारिश से शहर तरबतर हो गया। राजकीय एसएनकेपी कॉलेज के सामने पानी भर गया। उधर मावण्डा कला में पंचायत द्वारा गत दिनों बनाई गई रास्ते कि सुरक्षा दीवार बरसात से क्षतिग्रस्त हो गई।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सीमेन्ट नहीं लगाने के कारण दीवार ढही है। उधर पलसाना सहित आसपास के गांवों में भी आधे घंटे तक तेज बारिश हुई। पलसाना के सभी अंडरपासों में पानी भर गया। वहीं कस्बे के निचले इलाकों में आम रास्तों में जगह जगह पर पानी भरने से आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि रूक रूक कर हो रही बरसात से किसानों के चेहरे खिले हुए है।


अजीतगढ़ में मंगलवार शाम को मूसलाधार बारिश से सड़कों पर पानी बहने लग गया। तेज बरसात से अस्पताल के बाहर मेडिकल स्टोरों में पानी भर गया। साथ ही मकानों में भी घुस गया। वही ढ़हाब क्षेत्र में सड़कों पर दरिया बहने लग गया।


फसलों पर आया नूर

जिले में पिछले दिनों हुई बरसात के बाद पशुपालकों व किसानों की बांछे खिल उठी है। एक ओर जहां पशुओं को हरा मिलने लगा है वहीं दूसरी और खेतों में पर्याप्त नमी के कारण फसलों पर नूर छा गया है। बारिश के बाद पशुओं के दूध में 15 प्रतिशत तक की बढोतरी हुई। वहीं पशुओं की सेहत में खासा सुधार आया है।

वहीं खरीफ की फसलों के उत्पादन में बढोतरी होगी। इससे जुड़े लोगों में खुशी है।इससे दुधारू पशुओं की सेहत पर तो प्रभाव पड़ा ही है साथ ही बाजार में दूध की आवक व गुणवत्ता प्रभावित हो रही थी। उल्लेखनीय है कि मई और जून और जुलाई माह में जिले में पड़ रही भीषण गर्मी से दूधारू पशुओं का 25 प्रतिशत तक दूध सुख गया था। वहीं खरीफ की अगेती फसलें झुलसने के कगार पर पहुंच गई थी।


चारे की उपलब्धता बढ़ी


पशुओं के लिए सूखे चारे के साथ निर्धारित मात्रा में हरे चारे की आवश्यकता रहती है। ऐसे में पिछले दिनों हुई बरसात के बाद खेतों व गोचर भूमि पर हरा चारा पर्याप्त मात्रा में हो गया है। इसके अलावा अधिकतम व न्यूनतम तापमान में गिरावट आई है। किसानों की माने तो पशुओं को पानी की पूर्ति के लिए हरे चारे की खुराक भी जरूरी है। इसके अलावा दुधारू पशुओं का आदर्श तापक्रम 38 से 39 डिग्री है। आदर्श से अधिक तापमान होने से पशु अपनी सारी ऊर्जा शरीर का तापक्रम बनाए रखने में खर्च कर देते हैं।

Updated on:
25 Jul 2018 10:56 am
Published on:
25 Jul 2018 10:47 am