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शेखावाटी समाचार: खोया हुआ 5 साल का बेटा मिला, एक महीने बाद कलेजे के टुकड़े को देखते ही रो पड़े माता-पिता

नीमकाथाना रेलवे स्टेशन पर जीआरपी को करीब पांच वर्षीय एक मासूम संदिग्ध अवस्था में मिला। टीमों ने 28 दिन में उसके जयपुर में स्थित परिवार को ढूंढ निकाला और 29वें दिन जयपुर पहुंचकर बच्चे को परिवार को सुपुर्द किया।
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सीकर

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Santosh Trivedi

Aug 14, 2026

sikar neem ka thana boy missing found

एक महीने में पांच साल के मासूम के परिवार को ढूंढ़ा। फोटो पत्रिका

सीकर। नीमकाथाना रेलवे स्टेशन पर 15 जुलाई 2026 को जीआरपी को करीब पांच वर्षीय एक मासूम बच्चा संदिग्ध अवस्था में मिला था। जीआरपी ने बच्चे को बाल संरक्षण व्यवस्था के तहत बाल कल्याण समिति, सीकर के समक्ष प्रस्तुत किया। बच्चे को राजकीय शिशु गृह, सीकर में सुरक्षित प्रवेश दिलाया गया। बाल कल्याण समिति, जिला बाल संरक्षण इकाई व बाल अधिकारिता विभाग, राजकीय विशेषज्ञ दत्तक ग्रहण एजेंसी ने पुलिस की मदद से बच्चे के परिवार की तलाश की।

टीमों ने जयपुर में स्थित परिवार को ढूंढ निकाला

टीमों ने 28 दिन में उसके जयपुर में वीकेआइ स्थित परिवार को ढूंढ निकाला और 29वें दिन गुरुवार को जयपुर पहुंचकर बच्चे को परिवार को सुपुर्द किया। करीब एक महीने से अपने बच्चे से दूर माता-पिता के लिए यह पल बेहद भावुक कर देने वाला पल था। परिवार के पास जाकर बच्चा खिलखिला उठा, वहीं बच्चे को देखकर उसके पिता व परिवार के खुशी से आंसू छलक पड़े। करीब एक महीने से अपने बच्चे का इंतजार कर रहे परिवार के घर फिर से खुशियां लौट आईं।

बच्चे के समिति के समक्ष पहुंचते ही उसके परिवार और माता-पिता की पहचान कर उसे सुरक्षित रूप से परिवार तक पहुंचाने के प्रयास शुरू कर दिए गए। बाल कल्याण समिति सदस्य बिहारी लाल बालान तथा शिशु गृह स्टाफ स्वयं बच्चे को लेकर जयपुर में वीकेआइ स्थित उसके घर पहुंची और उसके पिता को सुपुर्द किया। बच्चे को सुरक्षित वापस पाकर पिता ने बाल कल्याण समिति और पूरी टीम का आभार व्यक्त किया।

बच्चे की जानकारी बनी परिवार तक पहुंचने का माध्यम

बाल कल्याण समिति सदस्य बिहारी लाल बालान ने बताया कि मासूम के उपलब्ध दस्तावेजों और विभिन्न स्तरों पर किए गए समन्वय के आधार पर उसके परिवार की तलाश लगातार जारी रखी। उपलब्ध जानकारी और दस्तावेजों के आधार पर उसके पिता तक पहुंचने की कोशिश की गई। लगातार प्रयासों के बाद सहायक निदेशक डॉ. गार्गी शर्मा एवं बाल कल्याण समिति को जानकारी मिली कि बच्चे के माता-पिता जयपुर के वीकेआइ क्षेत्र, 17 नंबर के निवासी हैं।

परिवार के सभी दस्तावेजों का विधिवत सत्यापन किया। इस पूरे मामले में जिला बाल संरक्षण इकाई व बाल अधिकारिता विभाग की सहायक निदेशक डॉ. गार्गी शर्मा, बाल कल्याण समिति के सदस्य बिहारी बालान, राजकीय विशेषज्ञ दत्तक ग्रहण एजेंसी अधीक्षक रुक्मणी गढ़वाल, राजकीय शिशु गृह प्रबंधक नरेश गुर्जर, सामाजिक कार्यकर्ता देवीलाल तथा चाइल्डलाइन केस वर्कर मनीष गुर्जर ने सक्रिय भूमिका निभाई।