
रोलसाहबसर/सीकर.
राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से होने वाली एसआई परीक्षा में अधिकतम आयु सीमा में तीन साल की छूट के संशोधन के बावजूद भी प्रदेश के सैकड़ों अभ्यर्थी इस परीक्षा से वंचित रहेंगे, क्योंकि आयोग द्वारा एक तो तीन साल की छूट देने में ही सरकार ने डेढ़ साल लगा दी। दूसरा आयोग द्वारा आयु सीमा संबंधी जो शुद्धि जारी किया गया है, उसमें आयु सीमा की गणना जनवरी 2019 से होगी। इसके चलते जो अभ्यर्थी इस परीक्षा से बाहर थे, वे बाहर ही रहेंगे।
एसआई संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा 2016 का पहला विज्ञापन 5 अक्टूबर 2016 को जारी किया गया था। कुल 330 पदों पर भर्ती होनी थी। तत्कालीन आयोग अध्यक्ष के कार्यकाल में इस भर्ती के लिए आवेदन मांगे गए थे।
7 अक्टूबर 2016 से 6 नवंबर 2016 तक आवेदन भराए गए और 330 पदों के लिए 3 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किए। आवेदन भरवाने के बाद भी यह भर्ती परीक्षा आयोजित नहीं हो सकी। कारण प्रदेशभर से इस भर्ती के लिए आयु सीमा में संशोधन और पदों को बढ़ाने की मांग उठती रही।
इस दौरान आयोग में दो अध्यक्ष डॉ. ललित के पवार और श्याम सुदंर शर्मा भी अपना कार्यकाल पूरा कर के चले गए, लेकिन इस परीक्षा के आयु संबंधी व पदों में बढ़ोतरी के संशोधन नहीं हो सका। करीब डेढ़ साल तक यह मामला राज्य सरकार के पास लंबित रहने के बाद अब विज्ञप्ति में संशोधन किया गया है।
इधर बेरोजगारों का कहना है कि सरकार ने पहले तो संशोधन में डेढ़ साल लगा दिया और अब आयु सीमा की गणना भी जनवरी 2019 से इस छूट का लाभ किसी भी अभ्यर्थी को नहीं मिलेगा। बाहर हुए अभ्यर्थियों ने मांग की है कि आयु सीमा की गणना 2016 को मानकर की जाए।
तीन लाख को राहत का इंतजार
प्रदेशभर के तीन लाख से अधिक अभ्यर्थियों को परीक्षा का इंतजार है। करीब डेढ़ साल के इंतजार के बाद राज्य सरकार के निर्देश के बाद आयोग ने 2018 में इस परीक्षा की दुबारा सुध ली है। अब आयोग ने संशोधित विज्ञापन जारी किया है और 24 अप्रेल से और आवेदन लिए जाएंगे। ऐसे में अभ्यर्थियों की संख्या अब और बढऩे के आसार हैं।