
सीकर में एक मेडिकल स्टोर पर काम करने वाले युवक के साथ बुधवार को अजीब घटना हुई। हर महीने 10 हजार रुपए कमाने वाले समीर खान के बैंक खाते में अचानक दस हजार करोड़ रुपए ब्लॉक होने का मैसेज आ गया। यह देखकर वह हैरान रह गया। उसे समझ नहीं आया कि आखिर उसके खाते में इतनी बड़ी रकम कहां से आ गई और पैसे क्यों ब्लॉक हो गए। दरअसल, वह मोबाइल रिचार्ज कराने की कोशिश कर रहा था, लेकिन रिचार्ज नहीं हुआ। इसके बाद उसने यूपीआई ऐप पर बैलेंस चेक किया तो यह मैसेज दिखाई दिया। घबराए समीर ने मेडिकल स्टोर मालिक को बताया और दोनों तुरंत साइबर थाने पहुंच गए। जांच के बाद जो वजह सामने आई, उसने पूरे मामले की गुत्थी सुलझा दी।
मामला सीकर शहर के सालासर रोड का है। देव गैस गोदाम के पास रहने वाला 22 साल का समीर खान यहां एक मेडिकल स्टोर पर काम करता है। बुधवार शाम करीब चार बजे वह अपने मोबाइल में रिचार्ज कराने की कोशिश कर रहा था, लेकिन रिचार्ज नहीं हुआ। इसके बाद उसने यूपीआई ऐप खोला और पिन डालकर अपना बैलेंस चेक किया। यहां उसे पता चला कि खाते में बैलेंस जीरो दिख रहा है, जबकि उसके बैंक खाते में करीब 55 हजार रुपए जमा थे।
समीर ने जब यूपीआई ऐप पर दिखाई दे रही जानकारी को ध्यान से देखा तो उसके होश उड़ गए। स्क्रीन पर बैंक खाते से दस हजार करोड़ करोड़ रुपए ब्लॉक होने का मैसेज लिखा हुआ था। समीर का खाता कोटक महिंद्रा बैंक में है। इतनी बड़ी रकम का नाम देखकर वह घबरा गया।
साइबर थाने के एएसआइ दीनदयाल के अनुसार, मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने बैंक प्रबंधन और साइबर एक्सपर्ट से संपर्क किया। जांच में सामने आया कि बैंक खाते में तकनीकी खराबी या सिस्टम ग्लिच के कारण इस तरह का मैसेज दिखाई दिया था। खाते में वास्तव में इतनी बड़ी रकम जमा नहीं हुई थी। यह बात सामने आने के बाद युवक और पुलिस ने राहत की सांस ली।
समीर मेडिकल स्टोर पर 10 महीने से काम कर रहा है। उसकी मंथली सैलरी मात्र 10 हजार रुपए है। समीर ने बताया कि उसके बैंक खाता में करीब 15 से 20 दिन पहले 500 रुपए साइबर फ्रॉड के आ गए थे। ऐसे में अंदेशा है कि साइबर फ्रॉड के पैसे आने के चलते या तकनीकी एरर के चलते ऐसा हुआ है। हालांकि साइबर फ्रॉड के 500 रुपए आने से उसका बैंक खाता ब्लॉक है।