सीकर

फिर टूटा नानी डेम, 7 घंटे दो किमी तक बहता रहा पानी, नगर परिषद ने फिर किया ‘कच्चा इंतजाम’

अंधेरगर्दी की ’ऊंचाई’ देखनी है तो नानी गांव में देखी जा सकती है। शहर के गंदे पानी को रोकने के लिए बने डेम की दीवार यहां अमूमन हर महीने टूट रही है।

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Nov 18, 2024

सीकर। अंधेरगर्दी की ’ऊंचाई’ देखनी है तो नानी गांव में देखी जा सकती है। शहर के गंदे पानी को रोकने के लिए बने डेम की दीवार यहां अमूमन हर महीने टूट रही है। खेतों व सालासर को जोड़ने वाले मार्ग से लेकर बीकानेर- जयपुर नेशनल हाइवे व नजदीकी भढाढर, भैंरुपुरा व सबलपुरा गांवों तक को ये गंदा पानी दूषित व यातायात को प्रभावित कर रहा है। पर करीब एक दशक बाद भी जिला प्रशासन डेम के ’कारी’ लगाने के कच्चे इंतजाम से आगे नहीं बढ़ पाया है। जिसका नतीजा रविवार को फिर डेम की दीवार टूटने के रूप में दिखा। जिससे सात घंटे तक गंदा पानी दो किमी सड़क पर बहता रहा। इस बार भी नगर परिषद ने अपने पुराने अंदाज में फिर दीवार की मरम्मत करवा दी। जिसके साथ ही ग्रामीणों का आक्रोश फिर उबाल खाते दिखा।

तीन घंटे प्रभावित रहा सालासर मार्ग

नानी में बने डेम की दीवार रविवार अलसुबह ही टूट गई। सरपंच मोहन बाजिया ने बताया कि सुबह करीब पांच बजे लोग घूमने निकले तो गंदा पानी सालासर रोड व एनएच 52 तक पहुंच चुका था। सूचना पर नगर परिषद की टीम ने मौके पर पहुंचकर मरम्मत का काम शुरू करवाया। इससे सालासर मार्ग का एक तरफ का यातायात करीब तीन घंटे तक प्रभावित रहा।

आश्वासन पर ही अटके जिम्मेदार

नानी गांव के लोगों ने बताया कि पूरे शहर के गंदे पानी के फैलने से खेती व यातायात प्रभावित होने सहित आसपास के इलाकों में बीमारियों का खतरा भी बना रहता है। ऐसे में प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर विधायक व सांसदों तक से स्थाई समाधान किये जाने की गुहार कई बार लगाई जा चुकी है। समय-समय पर आंदोलन भी किए। पर अधिकारी व जनप्रतिनिधी आश्वासन से आगे नहीं बढ़ पाए।

एनएच पर आम हुआ जलभराव

नानी डेम पहले बारिश के दिनों में ही परेशानी का सबब बना हुआ था। आए दिन दीवार टूटने से उसका पानी आसपास के इलाकों में घुस जाता था। पर अब इस गंदे पानी का भराव नेशनल हाईवे पर भढ़ाढर तिराहे तक आम हो गया है। इससे आम आवाजाही प्रभावित रहती है। कई मकानों के रास्ते तक बंद रहते हैं। इसके बावजूद शासन- प्रशासन आंखे मूंदे बैठा है।

इनका कहना है….

बारिश के दिनों में बार- बार टूटने वाला डेम आम दिनों में भी टूट रहा है। शहर के गंदे पानी के स्थाई इंतजाम के लिए अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों से कई बार गुहार लगाने के साथ ग्रामीण आंदोलन भी कर चुके हैं, लेकिन बात आश्वासन से आगे नहीं बढ़ी। इससे ग्रामीणों में आक्रोश है। जल्द ही प्रभावित गांवों के लोगों के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन करेंगे।

मोहनलाल बाजिया, सरपंच, नानी

Updated on:
18 Nov 2024 05:14 pm
Published on:
18 Nov 2024 05:13 pm
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