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Sikar Politics: सीकर जिले के 14 निकायों में कांग्रेस ने भाजपा को दिया झटका, जानिए वोटों का पूरा गणित

सीकर जिले के 14 निकायों में कांग्रेस ने भाजपा से लगभग 34 हजार वोट ज्यादा हासिल किए। जिले की 14 निकायों में कांग्रेस को मिले 172729 वोट, जबकि भाजपा को मिले 138619 वोट।
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Sep 16, 2026
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सीकर जिले के 14 निकायों में हुए चुनाव के बाद सियासी दलों की तस्वीर भी सामने आ गई है। जिले के 14 निकायों में कांग्रेस ने भाजपा से लगभग 34 हजार वोट ज्यादा हासिल किए है। जबकि जिले के 14 निकायों में 110 निर्दलीय लगभग 1.21 लाख वोट ले गए। फतेहपुर व रींगस सहित कई अन्य निकायों के निर्दलीय प्रत्याशियों ने भाजपा व कांग्रेस सहित अन्य दलों के वोट शेयर के गणित को बिगाड़ दिया है। दूसरी तरफ सीकर नगर परिषद में भाजपा के वोट शेयर में बढ़ोतरी हुई है। जबकि कांग्रेस की सीट बढ़ोतरी के बाद भी वोट शेयर मामूली कम हुआ है।

निर्वाचन विभाग के अनुसार, पिछले निकाय चुनाव की तुलना में इस बार 4 प्रतिशत शेयर बढ़ा है। वहीं कांग्रेस को गत चुनाव की बजाय दो सीटें अधिक मिलने के बावजूद मतदान प्रतिशत 1.16 प्रतिशत कम हुआ है। कांग्रेस को इस बार 45 प्रतिशत वोट शेयर मिला है, जबकि 2019 में कांग्रेस का वोट शेयर 46.16 प्रतिशत था। नगर परिषद सीकर में कांग्रेस को 64 में से 38 व भाजपा को 22 सीटें मिली हैं।

वहीं एक सीट रालोपा व तीन पर निर्दलीय प्रत्याशियों ने बाजी मारी है। अन्य पार्टियों व निर्दलीयों का वोटिंग परसेंट भी करीब 6.35 प्रतिशत कम हुआ है। 65 वार्डों के सीकर नगर परिषद में 2019 में भाजपा के 28.19 वोट शेयर के साथ 18 प्रत्याशी जीते थे। कांग्रेस का वोट शेयर घटने के पीछे भी कई समीकरण सामने आए हैं। सीकर शहर वासियों ने इस बार भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों पर अधिक विश्वास जताया है।

अन्य पार्टी व निर्दलीयों का वोट शेयर इस बार 6.35 प्रतिशत घटा है। 2019 में निर्दलीय व अन्य पार्टी के 11 प्रत्याशी 25.65 प्रतिशत शेयर के साथ जीतकर आए थे। वहीं, इस बार निर्दलीय व अन्य पार्टी से 18 प्रतिशत वोट शेयर के साथ 5 प्रत्याशी ही कामयाब हुए। भाजपा का वोट शेयर बढ़ने के बावजूद बहुमत नहीं आया तो वहीं कांग्रेस का पूर्ण बहुमत आने के बावजूद वोट शेयर कम हो गया है।

सीकर भाजपा की बाड़ाबंदी खत्म, प्रमाण पत्र लेने पहुंचे पार्षद

नगर परिषद में भाजपा को बहुमत नहीं मिलने पर बाड़ाबंदी मंगलवार को खत्म कर दी। भाजपा के सभी पार्षद मंगलवार दोपहर को पूर्व नेता प्रतिपक्ष अशोक चौधरी की अगुवाई में सीकर नगर परिषद कार्यालय पहुंचे। यहां निर्वाचन अधिकारी ने सभी विजेता पार्षदों को शपथ दिलाकर प्रमाण पत्र दिए। भाजपा की ओर से सभापति पद की दावेदारी के लिए देर रात कोई नाम तय नहीं हो सका। हालांकि भाजपा ने तीन के पैनल में से दो नामों पर सबसे ज्यादा चर्चा है।

दिनभर चलता रहा निर्दलीयों को मनाने का खेल

जिले की दस निकायों में भाजपा व कांग्रेस को जनादेश नहीं मिला है। इन निकायों में बोर्ड बनाने के लिए भाजपा व कांग्रेस नेताओं की ओर से जोड़तोड़ की पूरी कोशिश की जा रही है। भाजपा व कांग्रेस के दिग्गज नेता अपने-अपने क्षेत्र की कमान संभाले रहे। कई जगह निर्दलीयों को मनाने का खेल जारी रहा। सियासी जानकारों का कहना है कि नामांकन के बाद अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पदों को लेकर सियासी तस्वीर काफी हद तक साफ हो जाएगी।

सीकर नगर परिषद में ऐसे मिले दलों को वोट


कांग्रेस: 74604
भाजपा: 53955
बसपा: 21
माकपा: 1004
निर्दलीय: 29756
आरएलपी: 3658
नोटा: 1229

सीकर जिले की 14 निकायों का गणित

कुल वार्ड: 495
भाजपा: 138619
कांग्रेस: 172729
निर्दलीय: 121724
आरएलपी: 6208
माकपा: 4665
आप: 396
बसपा: 475