प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों सहित नर्सिंग स्टॉफ पर केन्द्र सरकार की टीम निगरानी रखेगी। कॉलेज में चिकित्सक शिक्षक व स्टॉफ की उपिस्थति ़75 प्रतिशत से कम रहने पर एनएमसी की ओर से मान्यता नहीं दी जाएगी।
प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों सहित नर्सिंग स्टॉफ पर केन्द्र सरकार की टीम निगरानी रखेगी। कॉलेज में चिकित्सक शिक्षक व स्टॉफ की उपिस्थति ़75 प्रतिशत से कम रहने पर एनएमसी की ओर से मान्यता नहीं दी जाएगी। अच्छी बात यह है कि मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को स्थाई नियुक्ति करने पर आगामी सत्र के लिए मान्यता दी जाएगी। टीम की ओर से तीन माह के दौरान कैमरे में दर्ज रेकार्ड के अनुसार ही जांच की जाएगी। इसका सबसे ज्यादा फायदा अध्ययनरत भावी चिकित्सकों को होगा। निदेशक शम्भू शरण कुमार ने इस संबंध में सभी कॉलेज को निर्देश जारी किए हैं।
इन पर रहेगी ज्यादा नजर
मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का मुख्यद्वार, मरीज का पंजीयन काउंटर, मेडिसिन, सर्जरी, गाइनोकॉलोजी, हड्डी रोग, ईएनटी, साइकेट्री सहित सभी ओपीडी, एनेस्थेसिया देने से पहले वाले स्थान और रिकवरी वाले स्थान सहित पूरा ऑपरेशन थियेटर परिसर, फैकल्टी लाउंज, अटेंडेंस मार्किंग एरिया, सभी लेक्चर थियेटर, एनाटमी डिसेक्सन हॉल, फिजियोलॉजी, बायोकेमेस्ट्री, फार्माकॉलोजी, पेशेंट अटेंडेंट वेटिंग एरिया, इमरजेंसी और केज्यूअलटी वार्ड में उच्च गुणवत्ता वाले कैमरे लगेंगे।
तीसरी आंख से नजर
सभी मेडिकल कॉलेज और कल्याण अस्पताल में उच्च गुणवत्ता वाले नए कैमरे सीधे दिल्ली में बनने वाले कमांड सेंटर से जुड़े रहेंगे। इन पर प्रधानमंत्री कार्यालय की सीधी नजर रहेगी। उच्च गुणवत्ता वाले नए कैमरे अस्पताल परिसर में चिन्हित जगहों पर होंगे। चिकित्सक शिक्षक, नर्सिंग स्टॉफ और लेबोरट्री स्टॉफ का पूरा रेकार्ड राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग रखेगा। जिससे अस्पताल या मेडिकल कॉलेज में ड्यूटी देते समय स्टॉफ और चिकित्सक मनमर्जी नहीं करें सकेंगे। जिससे मरीजों को सीधे तौर पर फायदा होगा।
इसलिए उठाया कदम
निशुल्क उपचार और भावी चिकित्सकों की पढ़ाई को लेकर कई सरकारी चिकित्सक उपेक्षा करते हैं। जिसके कारण मरीजों को उपचार, जांच के लिए परेशानी से बचाने के लिए यह कदम उठाया गया है। इसके अलावा कई मेडिकल कॉलेज में एमएनसी के निरीक्षण से पहले एक-दूसरे मेडिकल कॉलेज से फेकल्टी को बुलाकर संख्या पूरी दिखा दी जाती है लेकिन निरीक्षण के बाद इन जगहों पर दी जानी सुविधाओं की कटौती कर ली जाती है। इसे देखते हुए राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग ने आगामी निरीक्षण के लिए सीसीटीवी कैमरे तथा सभी चिकित्सक व स्टॉफ की आधार कार्ड के जरिए बायो मैट्रिक मशीन से हाजिरी करने के निर्देश दिए हैं।