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Sikar News: हाईवे के 75 मीटर दायरे में निर्माण नहीं करने के आदेश के खिलाफ व्यापारी-किसान लामबंद, उग्र आंदोलन की चेतावनी

Rajasthan Highway Protest: हाईवे के 75 मीटर दायरे में निर्माण नहीं करने के आदेश के खिलाफ अब व्यापारी व किसान लामबंद होने लगे है।
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Mar 24, 2026
sikar news
बैठक में मौजूद इलाके के लोग व किसान। फोटो: पत्रिका

सीकर। हाईवे के 75 मीटर दायरे में निर्माण नहीं करने के आदेश के खिलाफ अब व्यापारी व किसान लामबंद होने लगे है। जयपुर-बीकानेर बाईपास इलाके के व्यापारियों की बैठक हुई। इसमें आदेश के खिलाफ आंदोलन के लिए संघर्ष समिति का गठन किया गया। बैठक में वक्ताओं ने बाईपास इलाके के 75 मीटर में आने वाले निर्माण से किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं करने की बात कही। साथ ही चेतावनी देते हुए कहा कि अगर किसी भी प्रकार से छेड़छेड़ की गई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।

वक्ताओं ने कहा कि जयपुर-बीकानेर बाईपास इलाके की सड़क को एनएच मानने के बाद सिटी मार्ग माना जाए। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि कई वर्षों से जयपुर-बीकानेर मार्ग पर व्यापारियों के होटल व ढाबे संचालित हो रहे हैं, इस आदेश की वजह से सैकड़ों परिवार चिन्ता में है। इस मौके पर काफी संख्या में इलाके के लोग व व्यापारी मौजूद थे।

ये बनी संघर्ष समिति

संघर्ष समिति में पूर्व प्रधान उस्मान खां, राकेश कालेर, शिवभगवान नागा, मदन महला, एडवोकेट सुरेश मीणा, मदनलाल ढाका, राजेश मीणा, विश्वनाथ शर्मा, प्रहलाद भाकर बाबूलाल बिजारनिया, रामचंद्र पचार, भंवरलाल खीचड़, लक्ष्मण खोखर, घीसालाल, गोपाल खीचड़, हरलाल निठारवाल, नाथूलाल कंवरपुरा, हरलाल खीचड़, मुकेश खड़ोलिया, महिपाल मीणा, प्रहलाद गढ़वाल आदि को शामिल किया गया। संघर्ष समिति के सदस्यों के अनुसार जल्द समिति का विस्तार किया जाएगा।

कर्मचारी बैठक कल

सीकर. सहकारी कर्मचारी संघ सीकर की बैठक बुधवार को सीकर केंद्रीय सहकारी बैंक हैड ऑफिस के सामने स्थित कार्यालय में होगी। अध्यक्ष दुर्गासिहं हुड्‌डा ने बताया कि बैठक में सहकारी समितियों के कार्मिकों के कई मुद्दों पर चर्चा होगी।

ये है नई गाइडलाइन

बता दें कि हाल ही में राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश के बाद राष्ट्रीय व राज्य राजमार्गों के 75 मीटर दायरे में आने वाले निर्माणों को हटाने की कार्रवाई शुरू की जा रही है। सरकार की नई गाइडलाइन अनुसार नेशनल और स्टेट हाइवे की सेंटर लाइन से दोनों ओर 75-75 मीटर तक किसी भी प्रकार का आवासीय या व्यावसायिक निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

सरकार ने साफ किया है कि नियमों की अवहेलना कर बनाए गए निर्माण को अवैध माना जाएगा और इन्हें हटाने की कार्रवाई भी की जा सकेगी। बता दें कि सरकार के इस फैसले का सीधा असर हाइवे किनारे हो रहे निर्माण और प्रॉपर्टी निवेश पर पड़ेगा।

Updated on:
24 Mar 2026 09:54 am
Published on:
24 Mar 2026 09:54 am