सीकर

सावन की हरियाली में घुली तीज-सिंजारे की खुशी, रंग-बिरंगे परिधानों में सजीं सखियां

Aug 14, 2026
Rajasthan

झुंझुनूं. सावन की फुहारों के साथ जब प्रकृति हरियाली की चादर ओढ़ती है, तो तीज-सिंजारे का उल्लास भी वातावरण में रंग भर देता है। रंग-बिरंगे लहरिये और पारंपरिक परिधानों में सजीं सखियों के चेहरों पर खिलती मुस्कान मानो सावन की खुशियों का ही प्रतिबिंब है। हाथों में खनकती चूड़ियां, माथे की बिंदिया और सोलह शृंगार की आभा के बीच तीज के गीतों की मिठास पर्व की रौनक को और बढ़ा देती है। हरियाली से आच्छादित परिवेश में सजी-धजी युवतियों का यह मनोहारी दृश्य राजस्थान की लोक संस्कृति और सदियों पुरानी परंपराओं की जीवंत तस्वीर पेश करता है। तीज केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि सावन के उमंग भरे मौसम में रिश्तों, सखियों की आत्मीयता और लोकजीवन की खुशियों को सहेजने का पर्व है। सिंजारे के अवसर पर सजी मेहंदी, चूड़ियों की खनक और रंगीन परिधानों की छटा में जैसे सावन की हर बूंद खुशी का संदेश लेकर उतर आती है।

Updated on:
14 Aug 2026 06:00 am
Published on:
14 Aug 2026 06:00 am