
सिंगरौली. शहरी क्षेत्र में नेत्र रोगियों की संख्या बढ़ती जा रही है। हवा में धूल और धुआं की मात्रा अधिक होना मरीजों की बढ़ती संख्या की वजह बताई जा रही है। ज्यादातर मरीजों की आंखों में संक्रमण से तीव्र जलन और पानी आने की समस्या देखने को मिल रही है। नेत्र रोग विशेषज्ञ ऐसे लोगों को ऐहतियात बरतने की सलाह दे रहे हैं। बुजुर्गों व युवाओं के अलावा स्कूल जाने वाले बच्चों में भी इस तरह की समस्या हो रही है। समस्याएं लेकर मरीज नेत्र चिकित्सक के पास पहुंच रहे हैं। गर्मी की दस्तक के साथ ही नेत्र रोगियों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। वायु में बढ़ता प्रदूषण गर्मी और शुष्क हवा के चलते बढ़ रहा है। पिछले कई दिनों से जिले में एयर क्वालिटी इंडेक्स 200 के आस-पास चल रहा है। यह वायु की खराब गुणवत्ता को इंगित करता है।
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ओपीडी में पहले से दोगुना आ रहे मरीज
जिला अस्पताल ट्रामा सेंटर के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. विजय प्रताप सिंह ने बताया कि प्रदूषण के दौरान ज्यादातर रोगी आंखों में एलर्जी और संक्रमण की समस्या लेकर आ रहे हैं। ओपीडी में पहले 20 से 25 केस आते थे। अब ये संख्या बढकऱ 50 से अधिक हो गई है। मौसम शुष्क होने से वायु में बढ़े धूल और धुआं के कण समस्या की मुख्य वजह हैं।
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ये हो रही समस्या
-आंखों में तीव्र जलन होना
-आंखों से पानी आना
-आखों में सूजन व भारीपन
-आंखों में जलन होना
-बार-बार खुजली होना
-आंखों में सूखापन होना
एक्सपर्ट व्यू:-
गर्मी का मौसम आने के साथ हवा में धूल और धुआं का प्रदूषण बढ़ गया है। जिले में वायु प्रदूषण की प्रमुख वजह कोयला परिवहन व विद्युत उत्पादक कंपनियों से निकलने वाला धुआं है। बढ़ते प्रदूषण के कारण आंखों में सूखापन और नेत्र संबंधी एलर्जी की घटनाओं में वृद्धि हुई है। सूखापन के साथ तीव्र जलन व आंखों में पानी आने से मरीजों को असुविधा पैदा हो रही है और आंखों में परेशानियां आने की शिकायतें बढ़ाती जा रही हैं। इसलिए मरीजों को एहतियात बरतने की जरूरत है। जैसे डिस्प्ले पर काम करने वालों को ब्राइटनेस कम रखना है। खास तरह के चश्मा पहनें और बाइक चलाते समय हेलमेट जरूर लगाएं। इसके अलावा नेत्र चिकित्सकों से परामर्श लेने के बाद आई ड्रॉप आंख में डालें।
डॉ. विजय प्रताप सिंह, नेत्र रोग विशेषज्ञ जिला अस्पताल।