परिवादियों की सुनकर समस्या समाधान के दिए निर्देश
आबूरोड. राष्ट्रीय बाल अधिकार सरंक्षण आयोग की खण्डपीठ की ओर से बाल अधिकारों के उल्लंघन से सम्बंधित प्रकरणों के निराकरण को लेकर राष्ट्रीय बाल अधिकार सरंक्षण आयोग की सदस्य सचिव रूपाली बनर्जी की उपस्थिति में जिला प्रशासन के सहयोग से ग्लोबल ऑडिटोरियम, दानवाव में जनसुनवाई की गई। उपस्थित परिवादियों को सुना व मौके पर ही निस्तारण को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जनसुनवाई के दौरान जिला कलक्टर डॉ. भंवरलाल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद डॉ. टी. शुभमंगला, अतिरिक्त जिला पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र दिवाकर, उपखण्ड अधिकारी गोविन्दसिंह भीचर, बीके संस्थान कार्यकारी अध्यक्ष मृत्युंजय ने आयोग की सदस्य सचिव का स्वागत किया।
इस दौरान जिलेभर से आए हुए परिवादियों की परिवेदनाओं को सुना व निस्तारण के निर्देश दिए। जनसुनवाई में विभिन्न प्रकार के डेस्क सुविधा, पंजीयन डेस्क व विभागीय डेस्क लगाई गई। जनसुनवाई में 450 रजिस्ट्रेशन किए गए। इसमें 50 पालनहार, 40 दिव्यांग प्रमाण पत्र, 150 आधार कार्ड व अन्य विविध प्रकार की 100 परिवेदनाओं को दर्ज किया गया। उन्हें सुनकर हाथोंहाथ निस्तारण के लिए राष्ट्रीय बाल अधिकार सरंक्षण आयोग की सदस्य सचिव ने निर्देश प्रदान किए। जिला प्रशासन के निर्देश पर विभिन्न विभागों के अधिकारी व एनजीओ के अधिकारी व वॉलंटियर्स ने सेवाएं दी।
जनप्रतिनिधियों को नहीं दी जनसुनवाई की सूचना
नगरपालिका पार्षद व कांग्रेस नेता भवनीश बारोट ने राष्ट्रीय बाल अधिकार सरंक्षण आयोग की जनसुनवाई की जनप्रतिनिधियों को सूचना नहीं देने व जनसुनवाई को केवल वीआईपी मूवमेंट बनाने का आरोप लगाया। बारोट ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को न तो प्रशासन और ना ही नगरपालिका ने जनसुनवाई की किसी प्रकार की सूचना दी है। इससे आमजन को इसका पूरा लाभ नहीं मिल पाया।
उधर, भाजपा नेता राजेंद्र बाकलीवाल ने थैलेसीमिया से पीडि़त बच्चों के लिए आवश्यक दवाएं, यात्रा खर्च व पौष्टिक आहार की व्यवस्था में सहयोग की मांग की। ग्लोबल हॉस्पिटल स्थित ट्रोमा सेंटर में गत 6 वर्षों से थेलेसेमिक बच्चों की देखरेख के लिए विभिन्न सामाजिक संगठनों के सहयोग से थैलेसीमिया डे केयर सेंटर का कार्य चल रहा है। यहां पर सिरोही, जालोर, पाली जिले के आर्थिक रूप से अक्षम व थैलेसीमिया रोग से पीड़ित बच्चे का नियमित जांच व ब्लड ट्रांसफ्यूजन का कार्य किया जा रहा है। आर्थिक रूप से विभिन्न इन बच्चों को लगातार रक्त के अलावा नियमित जांच एवं उससे सम्बंधित दवाओं की आवश्यकता होती है।