सिरोही

ढाई घंटे तक बंद कमरे में समझौते के प्रयास

siroh10 लाख मुआवजा देने की घोषणा पर शव उठाए

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Jul 01, 2018
sirohi

सिरोही. फोरलेन हाइवे पर बारीघाटा टनल के मुहाने पर मलबा गिरने से चार श्रमिकों की मौत के मामले में शनिवार सुबह नर्सिंग प्रशिक्षण केन्द्र के एक बंद कमरे में करीब ढाई घंटे समझौता वार्ता चली। इस दौरान आश्रितों को १०-१० लाख रुपए, नौकरी व नियमानुसार अन्य परिलाभ देने की सहमति बनने पर परिजन शव उठाने का राजी हुए।
इससे पूर्व लोगों ने मृतकों के आश्रितों को ३०-३० लाख रुपए का मुआवजा, पेंशन व नौकरी देने की मांग को लेकर शव उठाने से इनकार कर दिया था। जिस पर गोपालन राज्य मंत्री ओटाराम देवासी, अतिरिक्त जिला कलक्टर आशाराम डूडी, एसडीएम नाथूसिंह राठौड़, भाजपा जिलाध्यक्ष लुम्बाराम चौधरी, भाजपा किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष गणपतसिंह राठौड़ की मध्यस्थता में परिजनों व एलएंडटी कम्पनी के प्रतिनिधियों के बीच वार्ता हुई।
टोल व चिकित्सालय में पुलिस जाप्ता रहा तैनात
मुआवजे की मांग को लेकर परिजनों की ओर से शव नहीं उठाने पर विवाद की स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस जाप्ता तैनात रहा। सिरोही सामान्य चिकित्सालय व उथमण टोल प्लाजा पर पुलिस जाप्ता तैनात किया गया। सिरोही चिकित्सालय में रेवदर डीएसपी देवाराम चौधरी, सुमेरपुर डीएसपी अमरसिंह, पिण्डवाड़ा थाना प्रभारी दलपतसिंह राठौड़, कोतवाली कार्यवाहक थाना प्रभारी जीआर गोदारा, उप निरीक्षक मोहनलाल बिश्नोई के नेतृत्व में पुलिस जाप्ता तैनात रहा।
...और जाने लगे मंत्री
मृतकों के आश्रितों को मुआवजा, नौकरी, पेंशन सहित अन्य परिलाभ दिलाने की मांग को लेकर परिजनों, जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन के अधिकारियों व एलएंडटी कम्पनी के प्रतिनिधियों के बीच नर्सिंग प्रशिक्षण केन्द्र में बंद कमरे वार्ता का दौर चला। करीब ढाई घंटे में अलग-अलग चली समझौता वार्ता के दौरान जब एलएण्डटी के अधिकारियों ने दो लाख रुपए के मुआवजे की बात रखी तो राज्यमंत्री ओटाराम देवासी बिफर गए और उठकर जाने लगे। बोले-इनको इंसान के मौत की भी कद्र नहीं है। जिस पर एडीएम और अन्य ने उन्हें बिठाया और बात रखने को कहा। बाद में दस लाख रुपए मुआवजा सहित अन्य बिन्दुओं पर सहमति बनी।
इन पर बनी सहमति
वार्ता में एलएंडटी कम्पनी की ओर से १०-१० लाख रुपए की आर्थिक सहायता, शैक्षणिक योग्यतानुसार आश्रितों को नौकरी व नियमानुसार पेंशन देने की मांग पर सहमति बनी। जिसमें २ लाख ५० हजार रुपए नकद व २ लाख ५० हजार रुपए का चेक ७ जुलाई की तारीख का देने व ५ लाख रुपए का चेक १ अगस्त की तारीख का देने पर सहमति हुई।

टोल अधिकारियों पर दर्ज हुआ गैर इरादतन हत्या का मामला
सिरोही. कोतवाली थाने में कम्पनी के जिम्मेदार अधिकारियों सहित अन्य के खिलाफ गैर इरादतन हत्या (आईपीसी की धारा 304) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। कोतवाली थाना प्रभारी जीआर गोदारा ने बताया कि उथमण निवासी पालाराम पुत्र लक्ष्मणराम सरगरा ने रिपोर्ट दी कि २९ जून को एलएण्डटी व उथमण टोल प्लाजा के अधिकारी हेमंत शर्मा, जाडन टोल प्लाजा के अधिकारी शैलेष शुक्ला एवं उनके कर्मचारी संजय मारवाड़ी, मूलचंद, सुनिल, दीक्षित व भगवंतसिंह जाखोड़ा ने उथमण निवासी देवीसिंह (३५) पुत्र लादूसिंह देवड़ा, महेन्द्र कुमार (२५) पुत्र कानाराम सरगरा, उत्तम कुमार (२२) पुत्र राणाराम सरगरा व पोसालिया निवासी महेन्द्र कुमार (२७) पुत्र हरजीराम मीणा को उथमण टोल प्लाजा पर काम करने का कह कर लाए और बाद में उन्हें सिरोही शहर के पास फोरलेन पर बनी सुरंग का मरम्मत कार्य में लगा दिया। इस कार्य के दौरान टनल के ऊपर फोकलेन मशीन चालक लक्ष्मण गरासिया की ओर पत्थर नीचे गिराने का कार्य करवाया जा रहा था। इस दौरान पत्थरों का मलबा गिरने से देवीसिंह, महेन्द्र कुमार सरगरा, उत्तम कुमार व महेन्द्र कुमार मीणा की मौत हो गई। सभी अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की।

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Published on:
01 Jul 2018 09:56 am
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