आचार संहिता के बावजूद मंदिर में प्रशासन की बिना अनुमति हुई थी राजनीतिक सभा, नोटिस की क्षेत्र के लोगों में चर्चा
Notice given to God in case of violation of code of conductविधानसभा चुनाव को लेकर लगी आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन करने के मामले में राजस्थान में सिरोही जिले के पिण्डवाड़ा आबू विधानसभा क्षेत्र में चौकाने वाला मामला सामने आया है। प्रशासन की बिना अनुमति के मंदिर में सभा आयोजित कर आचार संहिता का उल्लंघन करने के मामले में यहां के रिटर्निंग अधिकारी ने भगवान को ही नोटिस थमा दिया।
दरअसल सरुपगंज कस्बे में पुलिस चौकी के सामने मुनी जी महाराज का मंदिर है, जहां पिछले दिनों कुछ लोगों ने प्रशासन की बिना अनुमति के राजनीतिक सभा आयोजित की थी। जिसकी शिकायत पर मौके पर पहुंची एफएसटी टीम ने वीडियो क्लिप भी बनाई थी। इस मामले में अब 3 नवम्बर को रिटर्निंग अधिकारी व उपखण्ड अधिकारी पिण्डवाड़ा आबू सिद्धार्थ पालानीचामी ने आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में सरुपगंज के मुनी महाराज के नाम से नोटिस जारी कर 10 नवम्बर तक जवाब मांगा है।
वहीं, क्षेत्र के लोगों ने बताया कि यहां काफी वर्षों पूर्व मुनी महाराज संत रहा करते थे। क्षेत्र के लोग उनको भगवान की तरह मानते आ रहे हैं। उनके दिवंगत होने पर क्षेत्र के लोगों ने यहां मंदिर बनाकर उनकी मूर्ति स्थापित की। तब से लोग उनकी मंदिर में सेवा पूजा करते आ रहे हैं। क्षेत्रवासियों के अनुसार वर्तमान में यहां कोई संत नहीं रहता है। ऐसे में मंदिर के नाम से जारी किया गया नोटिस क्षेत्र में सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
रिटर्निंग अधिकारी बोले, सभा आयोजकों को नोटिस देना था, लिपिकीय त्रुटि हुई
चुनावी आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में सभा के आयोजकों को नोटिस देना था। क्षेत्र में सभा करने की शिकायत पर जानकारी मिली थी कि उक्त मंदिर में इस नाम का कोई संत रहता है, इसलिए इस नाम से नोटिस जारी किया गया। यह लिपिकीय त्रुटि है। इसकी पूर्ण जानकारी कर संशोधन करेंगे। ----सिद्धार्थ पालानीचामी, रिटर्निंग अधिकारी, माउंट आबू