सिरोही. समीपवर्ती नांदिया गांव के बस स्टैण्ड पर चल रही श्रीमद् भागवत कथा के पांचवें दिन मंगलवार को पूतना व कालिया नाग वध का प्रसंग सुनाया गया।
सिरोही. समीपवर्ती नांदिया गांव के बस स्टैण्ड पर चल रही श्रीमद् भागवत कथा के पांचवें दिन मंगलवार को पूतना व कालिया नाग वध का प्रसंग सुनाया गया। थूर मठ के संत देवाभारती के सान्निध्य में हो रही कथा में पाड़ीव कुटिया के संत मंगलपुरी ने कहा कि जब भगवान श्रीकृष्ण एक माह के थे तब मथुरा नरेश कंस की बहन पूतना उनका वध करने नंद के घर सुंदर नारी का रूप धारण कर पहुंची। माता यशोदा से स्वीकृति के बाद पूतना कृष्ण को गोद में लेकर बाहर चली गई तथा विष से भरे स्तनों का पान करवाने लगी। तब बाल कृष्ण ने पूतना का वध किया। इसी तरह कालिया नाग का वधकर गोकुलवासियों को आतंक से मुक्ति दिलाई। उन्होंने कहा कि जीवन में कभी अभिमान नहीं करना चाहिए। अहंकार ही विनाश का कारण बनता है। इस दौरान संत श्रवणदास, मनोहरदास, मोहनलाल रावल, जुहारमल सुथार, अमराराम पुरोहित, केराराम माली, वरदीचंद माली, गुलाबसिंह राव व कई ग्रामीण मौजूूद रहे।