मेरठ

सरकारी अस्पताल स्थानान्तरण को महीनेभर और इंतजार

शहर का मौजूदा सरकारी अस्पताल (सीएचसी) अगले माह के अंत तक करीब तीन करोड़ रुपए की लागत से आकराभट्टा में बन रहे नए भवन में स्थानान्तरित हो जाएगा। हालांकि, अभी तिथि तय नहीं हुई है, पर अगले माह तक अस्पताल को शिफ्ट करना तय है।
2 min read
• •
Updated: 6 Jul 2017, 11:26 AM IST
Feature image

शहर का मौजूदा सरकारी अस्पताल (सीएचसी) अगले माह के अंत तक करीब तीन करोड़ रुपए की लागत से आकराभट्टा में बन रहे नए भवन में स्थानान्तरित हो जाएगा। हालांकि, अभी तिथि तय नहीं हुई है, पर अगले माह तक अस्पताल को शिफ्ट करना तय है। नवीन भवन का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। दो ब्लॉक तो पूरी तरह तैयार हो चुके है, जबकि दो सप्ताह भर में ही तैयार हो जाएंगे। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक शेष कार्य भी जुलाई के अंतिम सप्ताह अथवा अगस्त के प्रथम सप्ताह तक पूरा हो जाएगा। निर्माण कार्य पूरा होते ही अस्पताल को स्थानान्तरित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। अस्पताल प्रशासन भी अस्पताल को शीघ्रातिशीघ्र नए भवन में स्थानान्तरित करना चाहता है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि बारिश में जनरल वार्ड में छत से पानी टपकने की समस्या से निजात पाने के लिए निर्माण कार्य पूरा होते ही अस्पताल को नए भवन में शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
मौजूदा भवन में लगेगा अरबन पीएचसी
बेशक सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र नए भवन में स्थानान्तरित हो जाएगा, लेकिन शहरवासी सर्दी, बुखार, जुकाम सरीखी छोटी-मोटी बीमारियों का उपचार मौजूदा अस्पताल भवन में भी करवा सकेंगे। दरअसल लोगों की सुविधा के लिए अभी जो अरबन पीएचसी आकराभट्टा में चल रहा है उसे सरकारी अस्पताल के मौजूदा भवन में स्थानान्तरित कर दिया जाएगा। पीएचसी के प्रभारी डॉ. विक्रांत सक्सेना रहेंगे।
इन समस्याओं का होगा निराकरण
सरकारी अस्पताल नवीन भवन में स्थानान्तरित करने से कई समस्याओं का निराकरण हो सकेगा। मौजूदा अस्पताल भवन में सबसे बड़ी समस्या जगह की कमी है। मरीजों व उनके साथ आने वाले परिजनों के बैठने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं है। वाहन पार्किंग की विकट समस्या है। अस्पताल के चारों ओर से वाहन गुजरते होने से ओपीडी व इनडोर मरीजों को वाहनों के जहरीले धुएं से परेशान रहना पड़ता है। भवन के दो वार्डों में बारिश के दिनों में छत से पानी टपकता रहता है। पानी टपकने से भर्ती मरीजों को इधर-उधर शिफ्ट करना पड़ता है। अस्पताल नए भवन में स्थानान्तरित होने के साथ ही इन तमाम समस्याओं से निजात मिल जाएगी।
इन्होंने बताया ...
हालांकि, निर्माणाधीन भवन के दो ब्लॉक तो हमें हस्तान्तरित करने के लिए एनआरएचएम ने आदेश दे दिए है। दो ब्लॉक सप्ताहभर बाद हस्तान्तरित करने को कहा है। हम चाहते है कि पूरा भवन जुलाई के अंत तक पूरा होने के बाद ही हम उसमें अस्पताल को स्थानान्तरित करें। यह सारी प्रक्रिया अगस्त माह में हर हाल में पूरी हो जाएगी।
- डॉ. एमएल हिण्डोनिया, चिकित्सा प्रभारी, सरकारी अस्पताल, आबूरोड।

Published on:
Also Read
View All
नीला ड्रम कांड में नया मोड़, सौरभ के भाई को कार से कुचलने की कोशिश, राहुल ने मुस्कान पक्ष पर लगाया हत्या की साजिश का आरोप

मेरठ: घर में मिलीं पीहू की किताबें और तस्वीरें, हर जगह दिखी मां-बेटी की जोड़ी, सौरभ को भुलाना चाहती थी मुस्कान

Blue Drum Murder Case: ‘मुस्कान की बेटियों की परवरिश कौन करेगा’, जानिए क्या है परिवारों का रुख; फांसी के खिलाफ दलीलों पर 30 नवंबर को होगी सुनवाई

कौन हैं IPS कलानिधि नैथानी? गैंगस्टर बदन सिंह बद्दो के बेटे पर 50 हजार का इनाम घोषित करने बाद चर्चा में!

Blue Drum Murder Case: जेल की सलाखों से बाहर निकलेगी नीले ड्रम वाली मुस्कान की बेटी, राधा को गोद लेगा ये इन्फ्लुएंसर; जानिए पूरा मामला