हरियाणा पुलिस ने हनीप्रीत के खिलाफ पंचकूला की विशेष अदालत में 1200 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है
चंडीगढ़। हरियाणा पुलिस ने हनीप्रीत के खिलाफ पंचकूला की विशेष अदालत में 1200 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। एसआईटी की टीम ने सीजेएम रोहित वॉट्स की कोर्ट में हनीप्रीत के खिलाफ चार्जशीट पेश की। जिसमें हनीप्रीत के पंचकूला हिंसा में हाथ होने की बात कबूली है।
डेरा मामले में अहम कड़ी हनीप्रीत अंबाला जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पेश हुई। एसआईटी ने जाच पड़ताल के बाद कोर्ट में हनीप्रीत के खिलाफ चार्जशीट दायर की है। रिपोर्ट में बताया गया है कि 9 दिनों के रिमांड में हनीप्रीत ने दंगों में उसका हाथ होने की बात कबूली थी। इसके अलावा पुलिस को हनीप्रीत से मोबाइल ,लैपटॉप, डायरी और कई अहम दस्तावेज मिले थे। रिमांड के दौरान काबूली कई बातें चार्जशीट में मौजूद हैं। एफआईआर नंबर 345 में हनीप्रीत के अलावा डॉ. आदित्य, पवन इंसा, सुरेंद्र धीमान, दिलावर, दान सिंह, चमकौर सिंह, महेंद्र इंसा भी आरोपी हैं।
इस मामले में फिलहाल डॉ. आदित्य और महेंद्र इंसा फरार चल रहे हैं। जबकि पवन इंसा अभी भी पुलिस रिमांड पर है। पुलिस ने हनीप्रीत समेत 15 लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 121, 121्र, 216, 145, 150, 151, 152, 153 और 120क्च के तहत केस बनाया है। इस मामले में कुल 67 चश्मदीद शामिल हैं। साथ ही विशेष अदालत ने इस मामले के एक अन्य आरोपी सुरेन्दर धीमान की जमानत अर्जी भी खारिज कर दी। सुरेन्दर के वकील ने अदालत में इस बात का हवाला दिया कि पुलिस 90 दिनों तक भी धीमान के खिलाफ चार्जशीट दाखिल नहीं कर पाई थी।
हालांकि अदालत ने धीमान के वकील की इस दलील को खारिज कर दिया और उसे जमानत देने से इनकार कर दिया। पुलिस अब तक डेरे से जुड़े कुल 155 केसों में से 150 में चालान पेश कर चुकी है। 5 मामलों में 15 से 20 आरोपियों की गिरफ्तारियां बाकी हैं। पंचकूला पुलिस की 9 एसआइटी ने 155 एफआइआर पर जांच शुरू की थी। गाडिय़ों को आग लगाने के मामलों में अलग-अलग 50 से ज्यादा चालान हैं। एक केस में 15 से लेकर 100 लोगों तक को आरोपी बनाया गया है।
ड्यूटी मजिस्ट्रेट देंगे मंजर की गवाही
पंचकूला में 25 अगस्त को माजरी चौक, कोर्ट कांप्लेक्स, सूरज थिएटर नाका, सेक्टर-3, हाईवे, सेक्टर-2/4रोड, हैफेड बिल्डिंग की बैक साइड, हैफेड के सामने, सेक्टर-5 के पास हिंसा हुई थी। इन सभी जगहों पर जिन ड्यूटी मजिस्ट्रेट की ड्यूटी थी, उन्हें गवाह बनाया गया है।
वहीं,उस एरिया में पुलिस की ओर से तैनात ड्यूटी ऑफिसर को भी गवाह बनाया गया है। इनमें प्राइवेट बैंक को आग लगाने, कैश जलाने, सरकारी गाडिय़ों के साथ मीडियाकर्मियों और लोगों की गाडिय़ों को जलाने के चालान हैं।