रामलीला मंचन के दौरान राम-रावण युद्ध के दौरान बड़ा हादसा हो गया। राम का तीर लगने से रावण की भूमिका निभा रहे कलाकार के आंख की रोशनी चली गई। वह पूरी तरह से अंधा हो गए। घटना के करीब 3 महीने बाद मामला पुलिस तक पहुंचा तो राम की भूमिका निभाने वाले कलाकार और आयोजक पर SC/ST एक्ट समेत गंभीर धाराओं में केस दर्ज।
उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले से रामलीला मंचन के दौरान हुई एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। राम-रावण युद्ध के दृश्य में तीर लगने से रावण की भूमिका निभा रहे कलाकार की आंख की रोशनी चली गई। मामले में पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
सोनभद्र जिले के शाहगंज थाना क्षेत्र के खैरा गांव में आयोजित रामलीला मंचन के दौरान हुई एक दुर्घटना अब कानूनी विवाद में बदल गई है। यह घटना 13 नवंबर 2025 की देर रात करीब 12:30 बजे की बताई जा रही है। जब रामलीला में राम-रावण युद्ध का दृश्य मंचित किया जा रहा था।
इस दौरान भगवान राम की भूमिका निभा रहे कलाकार ने तीर चलाया। तीर सीधे रावण की भूमिका निभा रहे कलाकार सुनील कुमार की आंख में जा लगा। तीर लगते ही सुनील कुमार दर्द से चीख पड़े। और मंच पर गिर गए। अचानक हुए इस हादसे से दर्शकों में अफरा-तफरी मच गई। और कार्यक्रम बीच में ही रोकना पड़ा।
रामलीला कमेटी के सदस्यों ने तत्काल सुनील को मंच से नीचे उतारा और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था की। हालत गंभीर देख उन्हें वाराणसी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों के अनुसार, सुनील की बाईं आंख की रोशनी पूरी तरह चली गई है। जबकि दूसरी आंख पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल उनका इलाज जारी है।
पीड़ित सुनील कुमार अनुसूचित जाति समुदाय से हैं। घटना के करीब दो महीने बाद उनके परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने राम की भूमिका निभाने वाले कलाकार के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है। साथ ही, जान से मारने की कोशिश और लापरवाही से गंभीर चोट पहुंचाने जैसी धाराएं भी लगाई गई हैं। रामलीला कमेटी के प्रबंधक को भी मामले में आरोपी बनाया गया है।
सुनील कुमार का कहना है कि वह पिछले दस वर्षों से रावण की भूमिका निभा रहे हैं। उनके अनुसार, हादसे से पहले उन्होंने तीर को आंख की ओर न चलाने की बात भी कही थी। इसके बावजूद तीर उनकी आंख में लगा। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के बाद न तो उन्हें पर्याप्त सहयोग मिला और न ही उनकी मदद की गई। जिससे उन्हें अपने स्तर पर इलाज कराना पड़ा।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। रामलीला जैसे धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर रही है।