कस्बे में बस स्टैंड शुरू हुए करीब एक वर्ष होने के बावजूद रोडवेज की अनदेखी से उसका पूरा उपयोग नहीं हो पा रहा है।
कस्बे में बस स्टैंड शुरू हुए करीब एक वर्ष होने के बावजूद रोडवेज की अनदेखी से उसका पूरा उपयोग नहीं हो पा रहा है। कई बसें निर्धारित बस स्टैंड पर रुकने के बजाय सड़क किनारे ही सवारियां चढ़ा-उतार रही हैं, जिससे यातायात बाधित हो रहा है और आए दिन जाम की स्थिति बन रही है।
बसों के सड़क पर रुकने से अन्य वाहनों को निकलने में दिक्कत होती है। वहीं सवारियां छोड़ने की होड़ में रिक्शा व ई-रिक्शा बसों के आगे-पीछे खड़े हो जाते हैं, जिससे अव्यवस्था बढ़ जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बस स्टैंड परिसर में बैठने सहित मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं, इसके बावजूद अधिकांश बसों का संचालन अंदर से नहीं हो रहा।
अलवर, भरतपुर, जयपुर, हिंडौन, बयाना व नदबई रूट की कई बसें कस्बे से गुजरती हैं, लेकिन अलवर रूट को छोड़ अन्य बसें बाहर से निकल जाती हैं। आमजन ने रोडवेज प्रशासन से सभी बसों का बस स्टैंड से संचालन सुनिश्चित कराने की मांग की है।