
प्रतीकात्मक फोटो-एआई जेनरेटेड
खैरथल। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना से जुड़े चयनित परिवारों के लिए राहत की खबर है। लंबे समय से राशन कार्ड में सदस्यों के नाम दर्ज कराने के लिए विभागीय कार्यालयों और ई-मित्र केंद्रों के चक्कर लगा रहे जरूरतमंदों को अब सुविधा मिल गई है। विभाग ने वंचित सदस्यों का नाम जोड़ने के लिए ऑनलाइन पोर्टल पुन: सक्रिय कर दिया है।
जिला रसद कार्यालय के अनुसार परिवार का कोई भी सदस्य विभागीय पोर्टल पर आवेदन कर शेष सदस्यों का विवरण दर्ज करा सकता है। शर्त यह है कि संबंधित व्यक्ति का नाम जनआधार कार्ड में अंकित होना चाहिए, क्योंकि जनआधार एपीआइ के जरिए ही प्रविष्टि की जाएगी।
अधिकारियों ने बताया कि जिन नए सदस्यों के नाम पर गैस कनेक्शन है, उनकी एलपीजी आईडी भी आवेदन में भरना अनिवार्य रहेगा, ताकि लाभार्थियों का रिकॉर्ड अद्यतन रखा जा सके। प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद जिला रसद अधिकारी, विकास अधिकारी तथा अधिशासी अधिकारी की स्वीकृति मिलने पर प्रविष्टि को मंजूरी दी जाएगी।
स्वीकृति मिलने के बाद 90 दिनों के भीतर संबंधित व्यक्ति की ई-केवाईसी कराना आवश्यक होगा। ऐसा नहीं करने पर लाभ प्रभावित हो सकता है। विभाग का उद्देश्य पात्र परिवारों को निर्बाध रूप से राशन और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
विशेषज्ञों का कहना है कि नए सदस्य का विवरण पहले जनआधार में दर्ज होना चाहिए। जनआधार नंबर के माध्यम से चयन कर आधार व अन्य प्रमाण पत्र ऑनलाइन अपलोड किए जाएंगे।
आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी के जरिए आवेदन जमा किया जा सकेगा। यदि परिवार पहले से योजना में शामिल है तो नए सदस्य को भी स्वीकृति के बाद राशन मिलना शुरू हो जाएगा। सामान्यत: तीन से चार दिन में प्रक्रिया पूरी हो सकती है।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की इस पहल से आमजन को अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिलेगी। सभी प्रकरणों का नियमानुसार सत्यापन कर ही अनुमोदन दिया जाएगा। विभाग द्वारा पोर्टल पुन: शुरू करने से आमजन को बड़ी सुविधा मिलेगी और ई-मित्र केंद्रों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। पात्र परिवार स्वयं आवेदन कर सकते हैं। प्रत्येक प्रकरण का परीक्षण कर स्वीकृति प्रदान की जाएगी। -राकेश सोनी, जिला रसद अधिकारी, खैरथल-तिजारा
Published on:
20 Feb 2026 06:32 pm
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