सुप्रीम कोर्ट: आइयूएमएल ने लगाई याचिका, एनपीआर क्या एनआरसी से जुड़ा, सीएए पर लगे रोक
नई दिल्ली.
इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आइयूएमएल) ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर केंद्र सरकार को यह स्पष्ट करने का निर्देश देने की मांग की है कि क्या देश भर में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) तैयार किया जाएगा और क्या यह राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) के साथ जुड़ा हुआ है? एक अन्य याचिका में 10 जनवरी को संशोधित नागरिकता अधिनियम-2019 (सीएए) लागू करने की अधिसूचना पर रोक लगा इससे रद्द करने की गुहार भी की गई है। याचिकाओं में विभिन्न अवसरों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र सहित केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और अन्य मंत्रियों के एनआरसी, एनपीआर और सीएए संबंधी बयानों को भी शामिल किया गया है।
लोगों में भ्रम और घबराहट की स्थिति
याचिकाओं में कहा है कि केंद्रीय मंत्रियों के विरोधाभासी बयान बड़े पैमाने पर लोगों में भ्रम और घबराहट पैदा कर रहे हैं। इसलिए सरकार को अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। एनआरसी और एनआरपी की प्रक्रिया के संबंध में किसी भी कार्रवाई को तब तक रोकना चाहिए जब तक कि वर्तमान रिट शीर्ष कोर्ट के समक्ष लंबित है।
संविधान प्रदत्त अधिकारों के विरुद्ध है सीएए
सीएए के खिलाफ शीर्ष अदालत का रुख करने वाली पहली पार्टी आइयूएमएल थी। आइयूएमएल का कहना है कि सीएए संविधान के अनुच्छेद 14 और अनुच्छेद 15 में प्रदत्त समानता, धर्म के आधार पर विभेद पर रोक और जीने के अधिकार के विरुद्ध है।
22 जनवरी से होगी सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट में 22 जनवरी को इस कानून के खिलाफ लगभग 60 याचिकाओं पर सुनवाई होगी। प्रधान न्यायाधीश एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली तीन जजों की पीठ में जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस सूर्यकांत भी शामिल हैं।
सत्ता के बदलते बोल
एनपीआर पहला कदम
एनपीआर पहला कदम है देश भर के नागरिकों की पंजी (एनआरआइसी) बनाने के लिए। ये नागरिकों और गैरनागरिकों की पंजी होगी। आधार डेटाबेस को एनपीआर से नहीं जोड़ा जाएगा। जम्मू-कश्मीर, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, मेघालय, असम, प.बंगाल, ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, लक्ष्यद्वीप, तमिलनाडु और दादरा नागर हवेली का बोयामीट्रिस जून 2015 तक हो जाएगा।
-किरेन रिजीजू, तत्कालीन केंद्रीय गृह राज्यमंत्री, नवंबर, 2014 राज्यसभा
एनआरसी से घुसपैठियों को निकालेंगे
हम सबसे पहले संशोधित नगारिकता अधिनियम को पास करेंगे। फिर ये सुनिश्चित करेंगे कि पड़ोसी देशों के शरणार्थियों को भारतीय नगारिकता मिले। इसके बाद एनआरसी के द्वारा हम प्रत्येक घुसपैठिए को हमारी मातृभूमि से निकालेंगे।
-केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ट्वीट, 1 अक्टूबर, 2019
देशव्यापी एनआरसी की कोई योजना नहीं है।
-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रामलीला मैदान, 22 दिसंबर, 2019
मैं ये स्पष्ट करना चाहता हूं कि एनआरसी और एनपीआर के बीच कोई संबंध नहीं है।
-केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, 24 दिसंबर, 2019
एनपीआर के डेटा का एनआरसी में इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। हमने ऐसा कभी कहा भी नहीं है। मैं इस बात का खंडन करता हूं।
- प्रकाश जावड़ेकर, केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री, 24 दिसंबर, 2019
एनआरसी के लिए राज्यों के साथ चर्चा कर एक उचित वैधानिक प्रक्रिया अपनाई जाएगी। एनपीआर में जुटाए गए डेटा का एनआरसी के लिए उपयोग किया अथवा नहीं किया जा सकता है।
- रविशंकर प्रसाद, केंद्रीय कानून मंत्री, 29 दिसंबर, 2019