सुविधाओं के अभाव में मरीजों को नहीं मिल रहा समुचित इलाज
गाडरवारा. एकओर सरकार गांव गांव में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के दावे करती है। वहीं ग्रामीण अंचलों कस्बों के स्वास्थ्य केंद्र अनेक सुविधाओं में कमी का सामना कर रहे हैं। ऐसे ही तहसील के सालीचौका के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों को समुचित इलाज मिल पाना मुश्किल हो रहा है। यहां पर मात्र एक डॉक्टर के भरोसे यह ब्लाक स्तरीय अस्पताल राम भरोसे चल रहा है। स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर के अनेक पद रिक्त पड़े हुए हैं।
जिला प्रशासन भी स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं में ध्यान नहीं दे रहा है। सुविधाओं के अभाव में स्वास्थ्य केंद्र खुद ही वेंटीलेटर पर है। बरसों से स्वास्थ्य केंद्र में रेडियोग्राफर नहीं होने से एक्स-रे मशीन धूल खा रही है। यहां हाल ऐसा भी है कि सुविधाएं तो है, लेकिन संचालित न के बराबर हो रही हैं। ऐसे में मरीजों को बाहर जाकर इलाज कराना पड़ रहा है। रेडियोग्राफर का पद रिक्त पड़ा हुआ है। इससे हड्डी की चोटों के मरीजों को यहां से गाडरवारा रेफर कर दिया जाता है। जबकि यहां पर मात्र एक ही चिकित्सक हैं डॉ हेमंत शर्मा जो कि ओपीडी में मरीजों का इलाज भी करते हैं। विभागीय बैठकों में भी सम्मिलित होते हैं। जब डॉक्टर विभागीय कार्यों के कारण हॉस्पिटल नहीं पहुंचते तो उस दिन मरीजों को इलाज तक नहीं मिल पाता। क्योंकि सारे स्वास्थ्य केंद्र की जिम्मेवारी एक ही डॉक्टर के भरोसे चल रही है। वही ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर अनिल पटेल द्वारा भी स्वास्थ्य केंद्र की बेपटरी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए प्रयास किए जाते रहे हैं। लेकिन स्टाफ की कमी के चलते सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वास्थ्य व्यवस्था लडखड़़ा गई है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाएं बीमार
कहने को तो नगर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्थित है। लेकिन उसकी व्यवस्थाएं खुद बीमार पड़ी हुई है। डॉक्टरों की कमी के चलते मरीजों इलाज कराना मुश्किल हो रहा है। स्वास्थ्य केंद्र में महिला चिकित्सक के न होने से महिलाओं को इलाज कराने में सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर भी नहीं है। एक ही ड्रेसर सहित वार्ड बॉय एवं प्यून आदि पदों स्थान रिक्त पड़े हुए हैं।
अनुपयोगी साबित हो रही एंबुलेंस
रोगियों की सुविधाओं के लिए स्वास्थ्य केंद्र में एंबुलेंस अनुपयोगी साबित हो रही है। जनप्रतिनिधियों द्वारा सुविधाओं के लिए स्वास्थ्य केंद्र को एंबुलेंस दी गई। लेकिन एंबुलेंस में चालक की व्यवस्था नहीं की गई है। न ही वह मरीजों को यहां से वहां लाने ले जाने के उपयोग में लाई जा रही है।
इनका कहना है
अस्पताल के अनेक पद रिक्त होने से काम करने में परेशानी होती है। सबसे ज्यादा महिला चिकित्सक का अभाव अखरता है। इस बारे में उच्चाधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया है। एंबूलेंस चालू है एवं लोगों को इसका लाभ भी मिल रहा है।
डॉ.अनिल पटेल, बीएमओ, सालीचौका