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जापान ने बनाया इंटरनेट स्पीड का नया विश्व रिकॉर्ड, अमरीका की औसत स्पीड से 40 लाख गुना ज्यादा

जापान की एक टीम ने ऑप्टिकल फाइबर के क्षेत्र में एक नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया है। उन्होंने एक नए प्रकार के ऑप्टिकल फाइबर का उपयोग करके लगभग 1,123 मील (1,807 किलोमीटर) की दूरी पर 1.02 पेटाबिट प्रति सेकंड की डेटा स्पीड हासिल की है।

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Sep 04, 2025

शालिनी अग्रवाल

जयपुर। जापान की एक टीम ने ऑप्टिकल फाइबर के क्षेत्र में एक नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया है। उन्होंने एक नए प्रकार के ऑप्टिकल फाइबर का उपयोग करके लगभग 1,123 मील (1,807 किलोमीटर) की दूरी पर 1.02 पेटाबिट प्रति सेकंड की डेटा स्पीड हासिल की है। यह गति अमरीका की औसत फिक्स्ड ब्रॉडबैंड डाउनलोड स्पीड (लगभग 285 एमबीपीएस) से करीब 40 लाख गुना ज्यादा है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशंस टेक्नोलॉजी (NICT), जापान के मुख्य शोधकर्ता हिदेकी फुरुकावा ने इस ट्रांसमिशन प्रयोग और सिस्टम पर काम किया। इन नतीजों को ऑप्टिकल फाइबर कम्युनिकेशन कॉन्फ्रेंस एंड एग्जीबिशन (OFC) 2025 में प्रस्तुत किया गया।

नया ऑप्टिकल फाइबर क्या है?

इस नए केबल में 19 लाइट पाथ (प्रकाश पथ) को एक ही क्लैडिंग (कवरिंग) के अंदर फिट किया गया है, जिसका माप लगभग 0.005 इंच है। यह माप अधिकांश मौजूदा लाइनों में उपयोग होने वाले आकार के बराबर है। इस डिज़ाइन से इसे मौजूदा फाइबर रूट में बिना बाहरी व्यास (outer diameter) को बदले इस्तेमाल किया जा सकता है।

ये सभी 19 कोर एक ही ग्लास क्लैडिंग को साझा करते हैं और उन्हें एक जैसा व्यवहार करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, ताकि प्रकाश प्रत्येक कोर में एक समान पथ (uniform path) का अनुसरण करे।

इस डिज़ाइन से C बैंड और L बैंड में पावर में उतार-चढ़ाव कम होता है और लॉस भी घट जाता है। ये दोनों बैंड लंबी दूरी के लिंक के लिए मुख्य तरंगदैर्ध्य (wavelength) रेंज हैं। इस डिज़ाइन में मल्टीकोर लेआउट की जगह एक युग्मित (coupled) लेआउट का उपयोग किया गया है, जिसमें सिस्टम कोरों के बीच के मिश्रण (mixing) की अनुमति देता है और बाद में रिसीवर पर डिजिटल प्रोसेसिंग का उपयोग करके इसे ठीक करता है।


तकनीकी शब्दों को समझना

  • पेटाबिट: एक पेटाबिट एक मिलियन गीगाबिट के बराबर होता है। यह गीगाबिट टियर से बहुत आगे की यूनिट है।
  • मल्टीकोर फाइबर: एक मल्टीकोर फाइबर में एक क्लैडिंग के अंदर कई कोर होते हैं ताकि कई सिग्नल समानांतर रूप से यात्रा कर सकें।
  • MIMO: यह एक डिजिटल फ़िल्टर है जो अलग-अलग कोरों से आने वाले मिले-जुले सिग्नलों को अलग करता है, जिससे मूल डेटा स्ट्रीम साफ-साफ उभरकर सामने आती है।
  • 16QAM: यह एक मॉड्यूलेशन विधि है जो प्रति सिंबल ज़्यादा जानकारी को स्टोर करती है, जिससे डेटा दर बढ़ जाती है।

इसका नेटवर्क पर क्या असर हो सकता है?

शोधकर्ताओं ने इस नए फाइबर का बाहरी व्यास लगभग 0.005 इंच ही रखा है। यह माप ज़्यादातर इंस्टॉल किए गए फाइबर के आकार और उसके लिए बने उपकरणों से मेल खाता है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशंस टेक्नोलॉजी के मेनो वैन डेन हाउट ने कहा, "फाइबर के निर्माण और उपयोग के लिए, एक मानक क्लैडिंग व्यास वाले फाइबर का उपयोग करना बहुत फायदेमंद है।" आयामों और इंटरफेस को परिचित रखने से लागत कम होती है। इससे धीरे-धीरे रोलआउट करना भी संभव होता है। उदाहरण के लिए, मल्टीकोर स्पैन का उपयोग मुश्किल क्षेत्रों में क्षमता बढ़ाने के लिए किया जा सकता है, जबकि अन्य स्पैन सिंगल-कोर ही रह सकते हैं।

Published on:
04 Sept 2025 05:58 pm
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