
इंदिरा गांधी नहर। फाइल फोटो- पत्रिका
हनुमानगढ़। हनुमानगढ़ में इंदिरा गांधी नहर परियोजना (आईजीएनपी) में प्रस्तावित नहरबंदी दस दिन आगे खिसक सकती है। इसे लेकर जल संसाधन विभाग उत्तर संभाग हनुमानगढ़ के मुख्य अभियंता प्रदीप रुस्तगी ने पंजाब सरकार को पत्र लिखा है। इसमें राजस्थान फीडर में बंदी अवधि 20 मार्च की बजाय 30 मार्च से शुरू करने का आग्रह किया गया है।
इस दस दिन की अवधि में लगातार 10,000 क्यूसेक पानी देकर राजस्थान की पेयजल डिग्गियों में पानी का भंडारण करने का उल्लेख किया गया है। गौरतलब है कि इंदिरा गांधी नहर परियोजना में 20 मार्च से 3 मई तक बंदी प्रस्तावित है। करीब डेढ़ महीने की बंदी के दौरान भीषण गर्मी का दौर भी रहेगा। इसलिए जरूरी है कि पेयजल डिग्गियों में पर्याप्त मात्रा में पानी का भंडारण किया जा सके।
इतनी लंबी बंदी से राजस्थान के करीब 15 जिलों में पीने के पानी की आपूर्ति बाधित हो सकती है, क्योंकि इंदिरा गांधी नहर परियोजना श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, जैसलमेर सहित पश्चिमी राजस्थान के 49 कस्बों और करीब 7,500 गांवों में लगभग 1.7 करोड़ लोगों को जलापूर्ति करती है।
इस स्थिति में पेयजल संकट से बचाव के लिए जल संसाधन विभाग उत्तर संभाग के मुख्य अभियंता ने पंजाब सरकार को पत्र लिखकर इस संबंध में अवगत कराया है। जल संसाधन विभाग हनुमानगढ़ के अधीक्षण अभियंता रामाकिशन के अनुसार मुख्य अभियंता की ओर से पंजाब को इस संबंध में पत्र भेजा गया है, लेकिन इस पर अभी तक सहमति बनने का इंतजार है।
Updated on:
12 Mar 2026, 9:03 PM IST
Published on:
12 Mar 2026, 9:03 PM IST
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