
हनुमानगढ़ जंक्शन मंडी में फसलों की बोली लगाते मंडी समिति कार्मिक व व्यापारी।
हनुमानगढ़.भारत सरकार से स्वीकृति प्राप्त हो जाने के बाद राजफेड की ओर से रबी-2026 के अंतर्गत सरसों एवं चने की समर्थन मूल्य पर खरीद शीघ्र शुरू होने की उम्मीद है। राजफेड के श्रीगंगानगर क्षेत्रीय कार्यालय के अनुसार इसे लेकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 15 मार्च से शुरू होगी। पंजीयन के बाद खरीद 25 मार्च से शुरू होगी। सहकारी समितियों के उप रजिस्ट्रार अमीलाल सहारण ने बताया कि भारत सरकार द्वारा सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य 6,200 रुपए प्रति क्विंटल एवं चना का समर्थन मूल्य 5,875 रुपए प्रति क्विंटल घोषित किया गया है। राज्य में सरसों की 13.78 लाख मीट्रिक टन एवं चना की 5.53 लाख मीट्रिक टन खरीद की सीमा निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि जिले की सीमा ऑनलाइन उपलब्ध करवा दी गई है। सरसों एवं चना विक्रय के इच्छुक किसान स्वयं क्यूआर कोड स्कैन कर अथवा ई-मित्र के माध्यम से पंजीकरण करवा सकेंगे। समर्थन मूल्य पर खऱीद किसानों की आधार आधारित बायोमीट्रिक पहचान के माध्यम से ही की जाएगी। भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार समर्थन मूल्य पर खरीद 60 दिवस की अवधि में की जाएगी। राजफेड को निर्देश दिए हैं कि खरीद केन्द्रों पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से सुनिश्चित कर ली जाए। किसान पूर्व की भांति एफएक्यू गुणवत्ता मापदण्डों के अनुरूप अपनी फसल क्षेत्र की क्रय-विक्रय अथवा ग्राम सेवा सहकारी समिति केन्द्र पर विक्रय कर सकेंगे। किसान भाइयों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो इसके लिए राजफेड में कॉल सेन्टर 18001806001 स्थापित किया गया है। किसानों से अनुरोध किया गया है कि वे अपनी फसल को साफ-सुथरा कर तथा छानकर क्रय केन्द्रों पर लाएं ताकि गुणवत्ता मापदण्डों के अनुरूप जिंस विक्रय कर सकें।
इतनी खरीद का लक्ष्य
राजफेड के क्षेत्रीय कार्यालय से प्राप्त सूचना के अनुसार हनुमानगढ़ जिले में समर्थन मूल्य सरसों एवं चना खरीद के लिए क्रय विक्रय सहकारी समिति एवं ग्राम सेवा सहकारी समिति के स्तर पर 25 केंद्र बनाए गए है। जिनमें 11 केंद्र क्रय विक्रय सहकारी समिति स्तर पर एवं 14 केंद्र ग्राम सेवा सहकारी समिति के स्तर पर बनाए गए हैं। हनुमानगढ़ में 10 लाख क्विंटल सरसों एवं पांच लाख क्विंटल चना खरीद का लक्ष्य रखा गया है। राजफैड के क्षेत्रीय अधिकारी हरिसिंह शर्मा के अनुसार समर्थन मूल्य खरीद के अंतर्गत प्रति किसान अधिकतम 40 क्विंटल की खरीद की जाएगी। किसानों से आग्रह है कि वह अपनी फसल को साफ सुथरा करके मंडी में लेकर आएं।
पत्रिका ने उठाया मुद्दा
मंडियों में सरसों की आवक शुरू होने के बावजूद सरकारी खरीद की तैयारी अधूरी रहने से किसानों को हो रहे नुकसान को लेकर पत्रिका ने लगातार समाचारों का प्रकाशन किया। बाजार भाव एमएसपी से कम रहने की वजह से किसानों को आर्थिक रूप से हो रहे नुकसान को लेकर निरंतर समाचार प्रकाशित करने के बाद सरकार अब जगी है। सीएम के हनुमानगढ़ दौरे के दौरान आठ मार्च को पत्रिका ने ‘सुनो सीएम साहब, गेहूं के अलावा दूसरी फसलों का भी रखो ख्याल’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया। सीएम दौरे के दो दिन बाद अब सहकारिता विभाग ने सरसों चने की सरकारी खरीद को लेकर पंजीयन शुरू करने तथा खरीद की तारीख तय की है।
Published on:
11 Mar 2026 09:55 pm
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