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खरीफ की फसल को गर्मी में करने लगे तैयार

क्षेत्र के किसानों ने अब तीन फसल करने में रुचि दिखाना शुरू कर दिया है। इसी के साथ नमाना क्षेत्र में किसानों ने गर्मी के मौसम में खाली पड़े खेतों पर धान की रोपाई शुरू की है।गर्मी के मौसम में खाली पड़े रहने वाले क्षेत्र में अब धान की फसल की हरियाली लहराने लगी है।

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May 28, 2024
खरीफ की फसल को गर्मी में करने लगे तैयार
नमाना क्षेत्र के प्रेमपुरा गांव में एक खेत पर धान की रौपाई करती महिलाएं।

नमाना. क्षेत्र के किसानों ने अब तीन फसल करने में रुचि दिखाना शुरू कर दिया है। इसी के साथ नमाना क्षेत्र में किसानों ने गर्मी के मौसम में खाली पड़े खेतों पर धान की रोपाई शुरू की है।गर्मी के मौसम में खाली पड़े रहने वाले क्षेत्र में अब धान की फसल की हरियाली लहराने लगी है।

किसानों का कहना है कि साठ से 70 दिन में धान की फसल पककर तैयार शुरू हो जाती है। इसके बाद फिर 15 जुलाई से वापस धान की फसल की रोपाई शुरू की जाएगी, जिससे गर्मी के 3 महीने में किसान खाली नहीं बैठा रहता है। सामान्य तौर पर धान की फसल की रोपाई 15 जुलाई के बाद होती है, लेकिन किसानों ने नया प्रयोग शुरू करते हुए अब गेहूं ही फसल की कटाई के बाद खेतों में हकाई कर धान की फसल की रोपाई शुरू कर दी है। सामान्य रूप से यह फसल सर्दी के मौसम में पककर तैयार होती है, लेकिन अब किसान इस गर्मी के मौसम में ही पका कर तैयार करने लगे हैं। प्रेमपुरा, गादेगाल, अधेड़ व अल्फानगर सहित कई गांवों में किसान धान की रोपाई करने लगे हैं।

6 से 8 क्विंटल तक होती है पैदावार
नमाना क्षेत्र के किसानों ने बताया कि गर्मी में धान की फसल की रोपाई करने से पैदावार में थोड़ा फर्क पड़ता है। इस समय 6 से 8 क्विंटल प्रति बीघा के हिसाब से धान की पैदावार होती है। वहीं 15 जुलाई के बाद खेतों में लगाने वाले स्थान की फसल की पैदावार 9 से 10 क्विंटल तक प्रति बीघा के हिसाब से होती है।

रोग का अधिक रहता है खतरा
कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि तापमान अधिक होने के चलते धान में रोग लगने की अधिक संभावना रहती हैं, जिससे किसान के कीटनाशक का प्रयोग करने से खर्च अधिक हो जाता है। वैसे सामान्य तौर फसल लगाने में होने वाले खर्च व इस समय लगाने वाली फसल के खर्चे में थोड़ा ही अंतर रहता है।

1509 की किस्म की करते हैं रोपाई
गर्मी के मौसम में धान की किस्म 1509 की रोपाई करते हैं। यह किस्म 60 से 70 दिन में पक कर तैयार हो जाती है, जिससे आगे की धान की फसल लगाने में किसानों को परेशानी नहीं होती हैं।

सामान्य तौर पर राजस्थान में तीन फसल की रोपाई करने का प्रचलन नहीं है, लेकिन अब किसानों ने नमाना क्षेत्र में गर्मी के मौसम में धान की फसल लगाना शुरू कर दिया है, वैसे बिहार में तीनों फसल ही धान की होती हैं, लेकिन यहां किसान अभी तक दो ही फसल करते हैं। अब किसानों ने इस और रुचि बढ़ाई है। इससे किसानों को आर्थिक रूप से भी मदद मिलेगी।
राकेश वर्मा, कृषि पर्यवेक्षक, नमाना।

Published on:
28 May 2024 06:10 pm