खंडवा

पेसा एक्ट : आदिवासी गांवों को जल, जंगल और जमीन पर मिला अधिकार, जानिए, क्या होगा बदलाव

खंडवा, बुरहानुपर, बड़वानी और खरगोन समेत प्रदेश की 89 आदिवासी बाहुल्य ब्लाक क्षेत्र की पंचायतों में पेसा एक्ट लागू, ग्राम पंचायतें होंगी सशक्त, 20 नवंबर से 3 दिसंबर के बीच जन जागरुकता के साथ विशेष ग्राम सभाएं

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Nov 20, 2022
अब इस राज्य में लागू होगा PESA Act, सरकार की बड़ी घोषणा

राजेश पटेल

खंडवा. पंचायत एवं ग्रामीण विकास ने आदिवासी ग्राम पंचायतों में पेसा ऐक्ट लागू कर दिया है। इस ऐक्ट में आदिवासी बाहुल्य ग्राम पंचायतों का जल, जंगल, जमीन पर पूरा अधिकार होगा। समितियों का गठन कर सदस्य पंचायत स्तर पर वन उपज, पट्टा, भू-प्रबंधन, खनिज समेत अन्य मामलों पर स्वयं का नियंत्रण रहेगा। पंचायतों की वन उपज समेत अन्य गतिविधियों से होने मिलने वाले राजस्व से आर्थिक स्थित भी मजबूत होगी। शासन की गाइड लाइन पर समितियां स्वयं विकास पर खर्च का निर्णय ले सकेंगीं।

आदिवासी ब्लाकों की पंचायतों में विशेष शक्तियां

पेसा एक्ट में खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी समेत निमाड़ में 17 आदिवासी ब्लाकों की पंचायतों में विशेष शक्तियां प्रदान की गई हैं। इसमें प्रदेश के 89 आदिवासी ब्लॉक शामिल हैं। पंचायत विभाग के अपर मुख्य सचिव मलय श्रीवास्तव ने राजपत्र के तहत पेसा ऐक्ट लागू करते हुए पालन कराने का आदेश जारी किया है। 15 नवंबर को जारी आदेश में पंचायतों में एक्ट के तहत समिति का गठन होगा। इसमें पंचायत के सरपंच, उप सरपंच व पंच शामिल नहीं हो सकेंगे। प्रचार प्रसार के लिए शासन ने तिथि निर्धारित किया है। शासन इस एक्ट को प्रभावी करने के लिए भोपाल में आदिवासी ब्लाक वाले जिले के सभी कलेक्टर समेत संबंधित विभाग के जिला प्रमुखों से 22 नवंबर को पहली बैठक बुलाई है।

नई समितियों का होगा गठन

नई ग्राम सभा के गठन के लिए एक प्रस्ताव पारित कर उप खण्ड अधिकारी (राजस्व) को भेज सकेंगे। ग्राम पंचायत सचिव प्रस्ताव की एक प्रति कलक्टर को भेजेगा। कलेक्टर के अनुमोदन पर पंचायतों की समितियां गठित की जाएंगी। शासन की गाइन् लाइन पर समितियों को शक्तियां दी गई हैं।

चारों जिले के इन ब्लाकों में

खंडवा के खालवा, बुरहानुपर में खकनार, खरगोन में बड़वाह, भीकनगांव, सेगांव, भगवानपुरा, झिरन्या, गोगावां, खरगोन और बड़वानी में ठीकरी, पाटी,.निवाली, सेंधवा, पानसेमल, अंजड़, राजपुर, वरला में पेसा एक्ट लागू हो गया है।

शासन की गाइड लाइन के तहत पेसा एक्ट की तैयारियां प्रारंभ की गई हैं। जन जागरुकता के लिए शेड्यूल जारी कर दिया गया है। इसके अलावा जल्द ही गाइड लाइन के तहत अन्य गतिविधियां शुरू की जाएंगी। - अनूप कुमार सिंह, कलेक्टर
20 नवंबर से 3 दिसंबर के बीच विशेष ग्राम सभा

आदिवासी ग्राम पंचायतों में एक्ट के तहत 20 नवंबर से तीन दिसंबर के बीच विशेष ग्राम सभा होगी। जपं सीइओ तारीख तय करेंगे। इसमें मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण देंगे। 20 नवंबर से 3 दिसंबर तक पेसा एक्ट के प्रति ग्रामीणों को जागरुक करने गांव-गांव रैली निकाली जाएगी। 4 दिसंबर को पाताल पानी में टंट्या मामा के मूर्ति अनावरण कार्यक्रम में शामिल होंगे।

ऐसे समझें बदलाव

शासन की गाइड लाइन के तहत पंचायतें निर्णय लेंगी। उदाहरण के तौर पर पहले भूमि पट्टा के लिए तीन स्तर पर अनुमोदन होता था। पंचायत, तहसील और जिला स्तर पर। अब भूमियों का पट्टा आवंटन पंचायत स्तर पर पात्र, अपात्र का निर्णय स्वयं कर सकेंगे। वन उपज से मिलने वाली राशि से पंचायत स्तर पर विकास पर खर्च किया जा सकेगा। पहले जिला स्तर पर विभाग व प्रशासन स्तर पर निर्णय लिए जाते थे।

20 नवंबर से 3 दिसंबर के बीच विशेष ग्राम सभा

आदिवासी ग्राम पंचायतों में एक्ट के तहत 20 नवंबर से तीन दिसंबर के बीच विशेष ग्राम सभा होगी। जपं सीइओ तारीख तय करेंगे। इसमें मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण देंगे। 20 नवंबर से 3 दिसंबर तक पेसा एक्ट के प्रति ग्रामीणों को जागरुक करने गांव-गांव रैली निकाली जाएगी। 4 दिसंबर को पाताल पानी में टंट्या मामा के मूर्ति अनावरण कार्यक्रम में शामिल होंगे।

ग्राम पंचायतें होंगी सशक्त

20 नवंबर से 3 दिसंबर के बीच जन जागरुकता के साथ विशेष ग्राम सभाएं

पेसा ऐक्ट की पांच प्रमुख बिंदु

1-जल, 2-जंगल, 3-जमीन , 4-श्रमिकों के अधिकारों का विशेष ध्यान5-स्थानीय संस्थाओं, परंपराओं, संस्कृति संरक्षण और संवर्धन

Published on:
20 Nov 2022 12:32 pm
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