छह प्रकार की विदेशी भाषाओं की जानकारी होने से युवाओं को फायदा होगा। युवा विदेश में जाकर जॉब कर सकेंगे। पर्यटन से जुड़े क्षेत्र के लोगों को पर्यटकों से बातचीत करने में आसानी होगी।
राजेश शर्मा
Jhunjhunu News : झुंझुनूं. गांवों व छोटे कस्बों के युवा अब फ्रेंच, जर्मन व जापानी सहित अनेक भाषाओं में बात करते नजर आएंगे। हिन्दी व अंग्रेजी के साथ उनकी विदेशी भाषा पर पकड़ मजबूत होगी। वे देश के साथ विदेश में भी अनेक क्षेत्रों में कॅरियर संवार सकेंगे। यह संभव होगा राजस्थान सरकार की ओर से शुरू होने वाली फोरेन लैंग्वेज कम्प्यूनिकेशन स्किल स्कीम के तहत। इस योजना के तहत राजस्थान के हर जिला मुख्यालय पर सर्टिफिकेट कोर्स करवाए जाएंगे। यह कोर्स इसी वर्ष शुरू हो जाएंगे। कोर्स करने के बाद उनको राजस्थान सरकार की तरफ से प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा। अभी इस प्रकार के कोर्स करने के लिए युवाओं को जयपुर, जोधपुर, गुुरुग्राम, दिल्ली, मुम्बई जैसे बड़े शहरों में जाना पड़ता है। योजना के बाद उनको अपने गांव के निकट के जिला मुख्यालय पर यह सुविधा मिल जाएगाी।
यह भाषा सीखेंगे
फ्रेंच, जर्मन, स्पेनिश, जापानीज, इटालियन व रशियन।
शेखावाटी को भी फायदा
छह विदेशी भाषाओं की जानकारी लेने से शेखावाटी के चारों जिलों सीकर, चूरू, झुंझुनूं व नीमकाथाना को भी खूब फायदा होगा। शेखावाटी के लाखों युवा अनेक देशों में रहकर रोजगार व नौकरियां कर रहे हैं। वहां जाने के बाद उनको सबसे बड़ी परेशानी भाषा को लेकर आती है। वे उस देश की भाषा में बात नहीं कर सकते। अब यह सर्टिफिकेट कोर्स करने के बाद उनकी भाषा की समझ बढ़ेगी। उनको फ्रांस, जर्मनी, स्पेन, जापान, इटली व रूस में जॉब करने में कोई ज्यादा दिक्कत नहीं आएगी।
पर्यटन के क्षेत्र में फायदा
राजस्थान में हर वर्ष लाखों की संख्या में पर्यटक आते हैं। गाइड, होटल व्यवसायी व पयर्टन उद्योग से जुड़े लोगों के सामने भाषा की बड़ी समस्या आती है। अब विदेशी भाषा सीखने के बाद उनकी कम्प्यूनिकेशन की स्किल मजबूत होगी। वे विदेशी पर्यटकों से आसानी से बातचीत कर सकेंगे। उनके लहजे को समझ सकेंगे।
इनका कहना है
छह प्रकार की विदेशी भाषाओं की जानकारी होने से युवाओं को फायदा होगा। युवा विदेश में जाकर जॉब कर सकेंगे। पर्यटन से जुड़े क्षेत्र के लोगों को पर्यटकों से बातचीत करने में आसानी होगी। - डॉ सुरेन्द्र न्यौला, प्राचार्य, मोरारका राजकीय कॉलेज झुंझुनूं